अमर कॉलोनी गोलीकांड: गोली से घायल किशोर ने तोड़ा दम, पिता बोले- आरोपितों को मिले फांसी या हो एनकाउंटर
अमर कॉलोनी गोलीकांड में घायल किशोर साई कुमार की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके विरोध में ...और पढ़ें

लोगों ने छतरपुर लाल बत्ती के पास छात्र का शव रखकर प्रदर्शन किया।
HighLights
अमर कॉलोनी गोलीकांड में घायल किशोर साई कुमार की मौत।
छतरपुर में हजारों लोगों ने शव रखकर किया जोरदार प्रदर्शन।
आरोपियों को फांसी या एनकाउंटर की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में 26 मई की शाम हुए गोलीकांड में घायल किशोर साई कुमार की सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया। कनपटी पर पिस्टल सटाकर छात्र को गोली मारे जाने की घटना को लेकर समूचे छतरपुर एन्क्लेव के लोगों आक्रोशित नजर आए।
स्वजन के साथ ही दो हजार से अधिक की संख्या में लोगों ने छतरपुर लाल बत्ती के पास छात्र का शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सभी आरोपितों को फांसी देने या उत्तर प्रदेश में योगी माडल की तर्ज पर एनकाउंटर करने की मांग की।
दोपहर में शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। साई घर का इकलौता चिराग था। बेरहमी के साथ उसकी हत्या को लेकर जहां आस-पास के लोगों सकते में थे, वहीं कानून व्यवस्था को लेकर भी आक्रोशित रहे। ''साई के हत्यारों को फांसी दो-फांसी दो...'', ''साई हम शर्मिंदा हैं-तेरे कातिल जिंदा हैं...'' जैसे नारे लगाते हुए लोग दोपहर दो बजे शव लेकर छतरपुर लाल बत्ती तिराहे पर पहुंचे। शव वहीं रखकर प्रदर्शन करने लगे।
आरोपितों को भी सरकार गोली मारे: मृतक के पिता
मृतक के पिता सुनील कुमार ने मांग करते हुए कहा कि जैसे मेरे बेटे को गोली मारी गई है, वैसे ही सरकार को भी आरोपितों को गोली मार देनी चाहिए। जब दिल्ली जैसी जगह ही लोगों के लिए सुरक्षित नहीं हो, तो भला बाकी जगह का क्या होगा। सुनील के मुताबिक उनके बेटे ने इस वर्ष 12वीं का पेपर दिया था।
दोस्तों के साथ पार्टी करने 26 मई को अमर कालोनी स्थित ढाबे पर गया था। दो-तीन दोस्तों के साथ बैठा था, जिसमें उसकी एक महिला मित्र भी थी। जबकि और तीन-चार दोस्त आने वाले थे। इस बीच तीन-चार मनबढ़ ढाबे पर पहुंचे और उसकी महिला मित्र से छेड़खानी करने लगे। विरोध कर पर साई कुमार के उलझ गए। आस-पास के लोगों ने मामला शांत कराया।
पुलिस ने बड़ी मशक्कत से लोगों को समझाकर शांत कराया
सभी आरोपित बाहर चले गए। पांच मिनट बाद ही सभी लौटे और मेरे बेटे की कनपटी पर सटाकर दो गोली मारी। तब से मेरा बेटा कोमा में था। सोमवार को उसकी मौत हो गई थी। प्रदर्शन के चलते दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक छतरपुर 100 फुटा रोड जाम की चपेट में रहा। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से लोगों को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद पार्थिव शरीर को दाह संस्कार के लिए ले जाया गया।
