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एअर इंडिया ने नशे में प्लेन उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी टेस्ट रिपोर्ट

Published: Fri, 04 Sep 2026 07:10 PM (IST)

फुकेट-दिल्ली एअर इंडिया की फ्लाइट में हुई घटना के बाद पायलट-इन-कमांड को साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट पॉजिटिव आने पर नौकरी से निकाल दिया गया है।

HighLights

  1. पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट पॉजिटिव पाया गया

  2. एअर इंडिया ने पायलट की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त की

  3. उड़ान के दौरान विमान में 300 फीट की अचानक गिरावट आई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-2379 में 4 अगस्त को हुई गंभीर घटना के बाद एयरलाइन ने पायलट-इन-कमांड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए किया गया टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय आवश्यकताओं के उल्लंघन के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पायलट की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

यह कार्रवाई एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद सामने आई है। एएआईबी की जांच में फ्लाइट के क्रूज फेज के दौरान हुई करीब 300 फीट की अचानक ऊंचाई गिरावट सहित तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।

प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया था नतीजा

एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पायलट-इन-कमांड के कन्फर्मेटरी टेस्ट में साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए नॉन-नेगेटिव नतीजा आया था। एएआईबी ने इसे गंभीर चिंता का विषय मानते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई की सिफारिश की थी।

अब एअर इंडिया ने कहा है कि पायलट का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है और सुरक्षा, फिटनेस तथा नियामकीय मानकों के उल्लंघन को लेकर एयरलाइन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उसकी नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

अचानक 300 फीट नीचे आ गया था विमान

4 अगस्त को एअर इंडिया का एयरबस ए320 विमान, रजिस्ट्रेशन वीटी-ईएक्सओ, फुकेट से दिल्ली आ रहा था। क्रूज फेज के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट दर्ज की गई थी।

इस घटना में कम से कम 17 यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। इनमें कुछ लोगों को स्पाइनल और गर्दन से संबंधित चोटें भी आई थीं। हालांकि, एयरलाइन ने उस समय कहा था कि कोई गंभीर चोट नहीं आई और जरूरत पड़ने वाले लोगों की हवाई अड्डे पर चिकित्सकीय जांच कराई गई। विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया था।

एएआईबी ने घटना को माना था गंभीर

एएआईबी ने इस मामले को गंभीर घटना यानी सीरियस इंसिडेंट के रूप में वर्गीकृत किया है। शुरुआत में कुछ रिपोर्टों में टर्बुलेंस का जिक्र किया गया था, लेकिन बाद की जांच में तकनीकी मुद्दों के साथ पायलट के टेस्ट परिणाम पर भी फोकस किया गया।

घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के दिशानिर्देशों के अनुसार जारी की गई है।

जांच में सहयोग एअर इंडिया ने दिया था भरोसा

प्रारंभिक रिपोर्ट जारी होने के बाद एअर इंडिया ने कहा था कि वह एएआईबी की जांच का स्वागत करती है और संबंधित परिचालन, रखरखाव तथा तकनीकी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने सहित जांच में पूरा सहयोग जारी रखेगी।

एयरलाइन ने कहा था कि सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसके पायलट राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप कठोर प्रशिक्षण, नियमित दक्षता जांच, चिकित्सा परीक्षण और अन्य नियामकीय मूल्यांकन से गुजरते हैं।

अब पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के बाद एअर इंडिया की ओर से तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है, जबकि एएआईबी की इस गंभीर घटना को लेकर विस्तृत जांच और अंतिम रिपोर्ट अभी बाकी है।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

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