दिल्ली AIIMS में हृदय रोग-डायबिटीज पर मंथन, स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग और बेहतर करने की तैयारी
एम्स ने हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की शिक्षा व प्रशिक्षण को बेहतर ...और पढ़ें

विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की सोमवार को आयोजित
HighLights
एम्स ने स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण सुधार हेतु कार्यशाला आयोजित की।
हृदय रोग, मधुमेह, मोटापे की रोकथाम पर विशेष ध्यान।
नियमित और डिजिटल प्रशिक्षण माध्यमों पर गहन विचार-विमर्श।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश में हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और इनसे जुड़ी अन्य बीमारियों का बढ़ता बोझ देखते हुए डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पढ़ाई व प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने की तैयारी है।
इसी दिशा में एम्स के स्वास्थ्य पेशेवर शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र की ओर से विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की सोमवार को कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें इन बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य पेशेवरों की शिक्षा के लिए साझेदारी (पीईपी) कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला का नेतृत्व प्रो. निखिल टंडन और प्रो. अंबुज राय ने किया।
नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर चर्चा
इसमें सलाहकार समिति के सदस्यों के अलावा विषय विशेषज्ञ, गैर-संचारी रोगों के राज्य नोडल अधिकारी, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने चिकित्सा शिक्षा के दौरान मिलने वाले प्रशिक्षण के साथ कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की। हृदय रोग और मधुमेह की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाए, इस पर भी सुझाव लिए गए।
डिजिटल माध्यमों से बेहतर प्रशिक्षण की संभावना
बैठक में प्रशिक्षण की प्राथमिकताओं, स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरतों और इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई। डिजिटल माध्यमों से प्रशिक्षण को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
विशेषज्ञों का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों के अनुभव और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे देशभर में स्वास्थ्यकर्मी हृदय रोग और मधुमेह जैसी बढ़ती बीमारियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
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