DUSU Election 2026: 'जेन-जी' आंदोलन के बाद भी ABVP का जलवा बरकरार, निर्दलीय दीपांशु ने चौंकाया
जेन-जी आंदोलन के बाद हुए डूसू चुनाव में एबीवीपी ने चार में से तीन केंद्रीय पदों पर कब्जा कर अपना ...और पढ़ें

DUSU चुनाव में एबीवीपी का शानदार प्रदर्शन।
HighLights
एबीवीपी ने डूसू के तीन केंद्रीय पदों पर जीत हासिल की।
यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव, लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन के बाद देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के पहले चुनाव के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपना दबदबा कायम रखा है।
शनिवार को घोषित परिणाम में एबीवीपी ने चार में से तीन केंद्रीय पदों पर कब्जा जमाया। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी।
इस तरह से इस बार एनएसयूआइ का केंद्रीय पैनल में खाता भी नहीं खुल पाया। इस जीत के पीछे जहां एबीवीपी संगठन के प्रत्याशियों का प्रचार, एकजुटता और जमीनी सक्रियता रही, वहीं विपक्षी खेमे में तालमेल की कमी भी उसके लिए फायदेमंद साबित हुई।
चुनाव के दौरान एनएसयूआइ के बड़े नेताओं के बीच एकजुटता की कमी और टिकट वितरण को लेकर उठे सवालों ने संगठन के अभियान को प्रभावित किया।
दीपांशु शौकीन का निर्दलीय लड़ना बड़ा झटका
एनएसयूआइ से दीपांशु शौकीन का टिकट कटना और बाद में उनका निर्दलीय चुनाव लड़कर उपाध्यक्ष पद जीतना संगठन के लिए बड़ा झटका रहा। इसी तरह विशेष यादव के स्थान पर गोपाल चौधरी को संयुक्त सचिव के पद के लिए मैदान में उतारने को लेकर भी संगठन के भीतर सवाल उठे।
इसी पद पर विशेष यादव निर्दलीय लड़े और दूसरे स्थान पर रहे। कांटे के मुकाबले में एबीवीपी को जीत मिली। उम्मीदवारों के चयन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति का एबीवीपी ने अपने प्रचार में इस्तेमाल किया।

जेन-जी आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी दोनों संगठनों की सक्रियता चर्चा में रही।
एनएसयूआइ छात्रावास, फीस, बुनियादी सुविधाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर अपना अभियान प्रभावी ढंग से स्थापित नहीं कर सकी, जबकि एबीवीपी ने इन्हीं मुद्दों को लगातार चुनावी अभियान में उठाया।
सत्य निकेतन हादसे के बाद भी एबीवीपी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने प्रभावित छात्रों के बीच सक्रियता दिखाई। छात्रों के भोजन, रहने और अन्य जरूरतों में मदद करने की कोशिश ने संगठन को जमीनी स्तर पर मौजूदगी बनाने में मदद की।
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चुनाव में जातिगत समीकरण भी महत्वपूर्ण रहे। एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर जाट, उपाध्यक्ष पद पर पूर्वांचली ओबीसी और सचिव पद पर गुर्जर के साथ संयुक्त सचिव पद पर राजपूत को टिकट दिया था।

वहीं एनएसयूआइ ने इन पदों पर क्रमश: आदिवासी, पंजाबी, गुर्जर, जाट पर दांव खेला था। एबीवीपी को जाट को नेतृत्व सौंपने का लाभ मिला। क्योंकि डीयू में जाट लाबी काफी मजबूत मानी जाती है।
डूसू चुनाव 2026-27 : चारों केंद्रीय पदों का अंतिम परिणाम
| पद | उम्मीदवार | वोट | संगठन / स्थिति |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | 24,576 | एबीवीपी – विजेता |
| विजय शंकर मीणा | 22,523 | एनएसयूआइ | |
| अनन्या रतूड़ी | 5,377 | निर्दलीय | |
| अश्मित कुमार | 1,388 | निर्दलीय | |
| समीर कुमार | 1,015 | निर्दलीय | |
| एजाज मंसूरी | 837 | निर्दलीय | |
| समर्थ बेनीवाल | 819 | निर्दलीय | |
| उपाध्यक्ष | दीपांशु शौकीन | 30,615 | निर्दलीय – विजेता |
| इशु मौर्य | 16,910 | एबीवीपी | |
| वीर चतरथ | 4,313 | एनएसयूआइ | |
| अक्षत शिखर | 2,383 | आइसा-एसएफआइ | |
| अरन्या सिंह राठौर | 2,274 | निर्दलीय | |
| सचिव | रिया छाबड़ी | 21,650 | एबीवीपी – विजेता |
| नम्रता चौधरी | 14,869 | एनएसयूआइ | |
| पंकज कुमार | 7,639 | एएसएपी | |
| स्टैनजिन डेस्क्यान्ग | 8,734 | आइसा-एसएफआइ | |
| संयुक्त सचिव | लक्ष्य राज सिंह | 16,615 | एबीवीपी – विजेता |
| विशेष यादव | 15,778 | निर्दलीय | |
| गोपाल चौधरी | 15,206 | एनएसयूआइ | |
| बी. परिजात | 5,837 | आइसा-एसएफआइ |
कोट्स
“दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, यहां देश के हर कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। आज विद्यार्थी परिषद को मिली शानदार जीत उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं। देश का युवा आज राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और यही इस जनादेश का सबसे बड़ा संदेश है।”
— अमित शाह, गृह मंत्री
“यह जीत युवाओं के राष्ट्र प्रथम की नीति में अटूट विश्वास का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि विद्यार्थी परिषद छात्र हितों, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ इसी समर्पण से कार्य करती रहेगी। एबीवीपी की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।”
— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
“सभी युवा साथियों को हार्दिक बधाई। डीयू और डूसू से मेरा जुड़ाव बेहद आत्मीय है। इसी परिसर ने छात्र जीवन से लेकर डूसू अध्यक्ष के दायित्व तक मेरी यात्रा को आकार दिया। इसलिए आज की यह ऐतिहासिक विजय मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का क्षण है। युवाओं का यह प्रचंड समर्थन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प पर उनके अटूट विश्वास की मुहर है। सभी विजयी प्रत्याशियों को उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।”
— रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
“यह समन्वय, राष्ट्रभक्ति और संघ की सामूहिक शक्ति की जीत है। पीयू से लेकर डीयू तक के संस्थानों के छात्रों ने हमारी जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। कैंपस से एनएसयूआइ का पूरी तरह से सफाया हो गया है; एनएसयूआइ 4-0 से हार गई है। विद्यार्थी परिषद ने पिछली बार 3-1 से जीत हासिल की थी और इस बार भी 3-1 से ही जीती है। अगली बार हम 4-0 से जीतेंगे।”
— यश डबास, अध्यक्ष
