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'क्यों देश को खराब कर रहा है भाई?', दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके का हुआ विरोध

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:35 PM (IST)

कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर मंतर पर अनाधिकृत प्रदर्शन के लिए तिहाड़ जेल भेजा ...और पढ़ें

HighLights

  1. सौरव दास, आशुतोष रांका जंतर मंतर प्रदर्शन पर तिहाड़ जेल भेजे गए।

  2. अनाधिकृत प्रदर्शन, तिरंगा फहराने और इस्तीफे की मांग के आरोप।

  3. अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंचे, ब्रिटिश राज से की घटना की तुलना।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन करने के कारण पांच दिन की न्यायिक हिरासत में बुधवार सुबह तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। इसके कुछ ही घंटों बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बुधवार को दिल्ली पहुंच गए। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए तीखा बयान दिया। हालांकि, इस बीच वहां किसी ने कहा, 'क्यों देश को खराब कर रहा है भाई?'

दिल्ली पहुंचते ही दीपके ने क्या कहा?

दीपके ने कहा, 'क्या इस देश में तिरंगा फहराना अपराध हो गया है? आशुतोष और सौरव को पांच दिन के लिए जेल भेज दिया गया। क्यों? क्योंकि वे जंतर मंतर गए और तिरंगा फहराया। आखिरी बार ऐसा ब्रिटिश राज में हुआ था। अंग्रेजों के शासन में जो स्वतंत्रता सेनानी सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराते थे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाता था।'

सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा गया जेल?

पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, आजिंक्य शिंदे सहित करीब 14 सीजेपी सदस्यों ने जंतर मंतर में निजी परिसर से घुसकर तिरंगा फहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। चूंकि, जंतर मंतर को हाल ही में प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किया गया है, ऐसे में उनका प्रदर्शन अनधिकृत था। इसी कारण उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

आजिंक्स शिंदे को कर दिया गया रिहा 

बुधवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पर सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति बॉन्ड का उल्लंघन, अतिक्रमण और अन्य आरोपों में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। अजिंक्य शिंदे को पांच हजार के बांड पर रिहा कर दिया गया। दोनों नेता इससे पहले शनिवार को भी हिरासत में लिए गए थे और एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरकर रिहा हुए थे। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने बांड की शर्तों का उल्लंघन किया।

अब तक कहां थे दीपके?

वहीं, 10 अक्टूबर को हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके की दादी का निधन हो गया था। इसके बाद वे 50 हजार के श्योरिटी बांड को भरने के बाद एक साल तक शांति कायम रखने की शर्त पर जमानत पर बाहर आने के बाद महाराष्ट्र में अपने पैतृक गांव चले गए थे। हालांकि, बुधवार को उनकी पार्टी के दो बड़े चेहरों सौरव दास और आशुतोष रांका के जेल जाने के बाद वे दिल्ली आ गए।

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