एक सप्ताह में दूसरी बार बॉन्ड भरकर जमानत पर छूटे दीपके, कोर्ट में चली 4 घंटे की बहस में क्या कुछ हुआ?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार जमानत मिली है। शांति भंग के आरोप ...और पढ़ें
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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, फोटो-एएनआई।
HighLights
अभिजीत दीपके शांति भंग करने के आरोप में हुए गिरफ्तार।
कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने के प्रयास पर कार्रवाई।
चार घंटे की बहस के बाद कोर्ट से मिली जमानत।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने की कोशिश और धारा 163 का उल्लंघन करने पर शुक्रवार शाम हिरासत में लिए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को शांति भंग करने की धारा 126/170 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद मंदिर मार्ग थाने में एसीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष और दीपके के वकील के बीच कोर्ट में करीब चार घंटे से अधिक समय तक बहस चली।
दिल्ली पुलिस ने की जेल भेजने की मांग
पुलिस कोर्ट के समक्ष यह दलील रखते हुए दीपके को जेल भेजने की मांग करती रही कि उसने पिछली बार भी एक साल तक शांति बनाए रखने की जमानत की शर्त का उल्लंघन किया। जबकि दीपके के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि उसे एक मौका दिया जाय। अब भविष्य में एक साल तक वह शांति भंग करने की कोशिश नहीं करेगा।
एक हफ्ते में दूसरी बार मिली जमानत
दीपके से यह बॉन्ड भरवाने के बाद कोर्ट में उसे जमानत पर छोड़ दिया। एक सप्ताह में यह दूसरा मौका है जब दीपके को बॉन्ड भरने के बाद जमानत दी गई। रिहाई के बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनीश गवांडे के झंडेवालान स्थित उसी आवास पहुंच गए, जहां से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
इससे पहले 12 अक्टूबर को प्रतिबंधित क्षेत्र जंतर मंतर में घुसने के आरोप में सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका को ट्रेसपास आदि कई धाराओं में केस दर्ज कर पांच दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर अभिजीत दीपके 14 अक्टूबर को महाराष्ट्र से फ्लाइट से दिल्ली आ गए थे।
सीजेपी का तिरंगा मार्च फ्लॉप
दीपके ने इंटरनेट मीडिया पर 16 अक्टूबर को कनाट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने का एलान किया। दीपके को उम्मीद थी कि मार्च के बहाने यूथ का भरपूर समर्थन मिल सकता है। लेकिन महज 200 से 250 लोग समर्थक ही कनॉट प्लेस के इनर सर्किल तक पहुंचे।
इस दौरान वामपंथी छात्र संगठन आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास ही हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद अभिजीत दीपके को झंडेवालान स्थित एनसीपी के नेता के घर से हिरासत में लिया गया था।
शनिवार तड़के चार बजे नेहा बोरा को तो छोड़ दिया गया लेकिन अभिजीत दीपके के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग करने की धारा 126/170 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
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