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गैंगरेप के बाद सबूत मिटाने को धोए कपड़े, डिलीट की चैट; आस्था कुंज केस में तीनों आरोपित 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:37 PM (IST)

आस्था कुंज पार्क सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीनों आरोपितों आसिफ, हेमंत और मुकेश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में ...और पढ़ें

साकेत कोर्ट में पेश करने के लिए आरोपित मुकेश (बाएं) एवं एनकाउंटर में घायल आसिफ को ले जाती पुलिस। जागरण

साकेत कोर्ट में पेश करने के लिए आरोपित मुकेश (बाएं) एवं एनकाउंटर में घायल आसिफ को ले जाती पुलिस। जागरण

HighLights

  1. तीनों आरोपित आसिफ, हेमंत, मुकेश 14 दिन की न्यायिक हिरासत में।

  2. सबूत मिटाने के लिए आरोपितों ने कपड़े धोए, चैट डिलीट कीं।

  3. पुलिस की त्वरित कार्रवाई की कोर्ट ने की प्रशंसा।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। आस्था कुंज पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बृहस्पतिवार को तीनों आरोपितों आसिफ, हेमंत सिंह और मुकेश सिंह पाेक्सो कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष ने हेमंत और मुकेश की गिरफ्तारी के वाजिब कारण परिवार को न बताने, मिलने से रोकने और जेल में खाना न मिलने का आरोप लगाते हुए अर्जी लगाई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी अर्जी खारिज कर दिया।

सबूत मिटाने का किया प्रयास

अभियोजन पक्ष ने बताया कि वारदात के बाद दोनों आरोपितों ने अपने कपड़े धुल लिए थे। मोबाइल में मौजूद कई चैट को डिलीट भी किया। कपड़े और मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। अपराध से जुड़े साक्ष्य एकत्र होने के चलते पुलिस हिरासत की मांग नहीं की गई।

दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस की प्रशंसा की

ऐसे में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) स्वाति शर्मा ने तीनों आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही वारदात के 24 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई कर आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस की प्रशंसा भी की। अब मामले में सात अक्टूबर को अगली पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

'चलने और बात करने में सक्षम हो?'

पाेक्सो कोर्ट में पेश करने से पहले आरोपित आसिफ को पुलिस मुठभेड़ मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरान के समक्ष पेश किया गया। अभियोजन पक्ष के वकील आकाश मणि त्रिपाठी व जांच अधिकारी एसआई दिनेश जोशी ने दस्तावेज रिकाॅर्ड पर उपलब्ध कराए।

वहीं, बचाव पक्ष के वकील अमन सेजवाल व नवीन सेजवाल ने चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने आरोपित आसिफ से पूछा भी कि क्या वह चलने और बात करने में सक्षम है। इस पर उसने सिर हिलाकर 'हां' में जवाब दिया।

200 मीटर लंगड़ाकर चला, आंखों में नहीं थी ग्लानि

आरोपित आसिफ को पुलिस ने सोमवार व मंगलवार दरम्यानी रात मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। उसके दाहिने पैर में गोली लगी है। दोपहर बाद उसे कोर्ट लाया गया तो तीन नंबर गेट की तरफ से भूतल पर बने कोर्ट नंबर चार तक लाया गया।

आमतौर पर पार्किंग की तरफ से पुलिस आरोपितों को कोर्ट में लाती है जबकि तीन नंबर गेट की तरफ से लगभग 200 मीटर तक लंगड़ाते हुए आरोपित कोर्टरूम पहुंचा।

चेहरे पर पुलिस ने नकाब लगा रखा था। काले पर्दे के पीछे से झांकती उसकी आंखों में अपने कृत्यों को लेकर कोई ग्लानि नहीं थी। गोली लगी होने के चलते पेशी के दौरान बैठाकर रखा गया था।

अवसाद में हैं आरोपित, नहीं खा रहे खाना

अभियोजन पक्ष के वकील योगेश गुप्ता के मुताबिक दोनों आरोपित अवसाद में हैं। जेल में खाना नहीं खा रहे। जबकि बचाव पक्ष ने अर्जी लगाई थी कि आरोपित हेमंत व मुकेश को जेल में खाना नहीं मिल रहा है। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए इसे पुलिस की बजाय जेल का मामला बताया।

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