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बेटा कच्चे रास्ते से स्कूल गया, अब पोता भी मजबूर; आली विहार के 45000 लोगों को 36 साल से सड़क का इंतजार

Published: Wed, 16 Sep 2026 05:42 AM (IST)

दक्षिणी दिल्ली की आली विहार कॉलोनी के हजारों निवासी तीन दशकों से मुख्य सड़क से जुड़ने वाले कच्चे और उबड़-खाबड़ ...और पढ़ें

आली विहार में इसी कच्चे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं स्थानीय लोग और वाहनचालक। जागरण

आली विहार में इसी कच्चे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं स्थानीय लोग और वाहनचालक। जागरण

HighLights

  1. आली विहार में तीन दशक से सड़क का इंतजार, 45 हजार आबादी परेशान।

  2. कच्चे और उबड़-खाबड़ रास्ते से स्कूल जाते बच्चे, दुर्घटनाएं आम।

  3. सड़क निर्माण के लिए धनराशि मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं।

शालिनी देवरानी, दक्षिणी दिल्ली। सालों पहले मेरा बेटा कच्चे रास्ते से स्कूल जाता था और आज पोता भी इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर है। मेरा तो पूरा जीवन ही बीत गया आज तक आने-जाने का रास्ता नहीं मिला है। यह दर्द बयां किया है आली विहार निवासी और पूर्व फौजी 90 वर्षीय चिरंजी लाल ने।

यह पीड़ा अकेले उनकी नहीं, बल्कि करीब तीन दशक पहले बसाई गई आली विहार कालोनी के हजारों निवासियों की है। कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने पूरी जिंदगी यहां गुजार दी, लेकिन आज तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार कर रहे हैं।

वर्ष 1990 में बसाई गई आली विहार कालोनी को मुख्य मार्ग मोहन स्टेट-मथुरा रोड से जोड़ने वाले रास्ते पर आज भी पक्की सड़क नहीं है। स्कूल-कालेज, दफ्तर, बाजार जाने या मेट्रो-बस पकड़ने के लिए लोगों को कच्चे और उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।

हल्की वर्षा होते ही रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे वाहन निकालना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल होता है। कई बार लोग फिसलकर हादसे का शिकार हो चुके हैं। लोगों में नाराजगी है कि हर बार चुनाव के समय जनप्रतिनिधि सड़क बनवाने का वादा करते हैं, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं होता। करीब 45 हजार आबादी को आज तक सड़क नहीं मिल पाई है।

साल भर पहले जारी हो चुकी है धनराशि

उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग की भूमि पर आली विहार से मथुरा रोड तक सड़क बनाने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी। इसमें आली विहार से लाल शिव मंदिर, लाल शिव मंदिर से रोड नंबर 13ए, पाकेट-डी सरिता विहार से आली गांव व आली विहार से मथुरा रोड तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव था।

सितंबर 2025 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआइएफ) के तहत सड़कों के सुंदरीकरण व निर्माण के लिए 803.39 करोड़ रुपये धनराशि मंजूर की थी। इसमें आली विहार से सरिता विहार तक करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य भी शामिल था।

लोगों की परेशानी

वर्ष 2018 में सिंचाई विभाग ने सड़क के लिए जमीन दी थी। पिछले साल सड़क निर्माण के लिए धनराशि भी जारी हो चुकी है। हम लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आजतक सड़क नहीं मिली है।
- नारायण सिंह बिष्ट, महासचिव, आवासीय समिति

इलाके में रहते हुए 31 वर्ष बीत चुके हैं और आज तक मुख्य मार्ग तक जाने के लिए सड़क नहीं मिली है। मेरे बच्चे भी इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर थे और आज नाती-पोते भी।
- फौजी चिरंजी लाल, स्थानीय निवासी

मुख्य रास्ते तक जाने के लिए सड़क नहीं है और पूरा रास्ता उबड़-खबड़ है। हर दूसरे दिन कोई रिक्शा पलटने से किसी ना किसी को चोट लगती है। वर्षा होने पर स्थिति बद्तर हो जाती है।
- संजय कुमार, रिक्शाचालक

हल्की सी वर्षा होने पर कीचड़ हो जाता है हादसे की संभावना रहती है। बस स्लिप मारती है और कई बार फंस जाती है।आस-पास के लोगों को बुलाकर धक्का लगवाना पड़ता है।
- सुरेश कुमार, स्कूल बस ड्राइवर

कॉलोनी की महत्वपूर्ण जानकारी

  • स्थापना वर्ष: 1990 में बसाई गई थी कालोनी
  • जमीन आवंटन: 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन दी
  • धनराशि: सितंबर 2025 में धनराशि जारी हुई
  • सड़क निर्माण: लगभग 1 किलोमीटर सड़क बननी है
  • आबादी: लगभग 45 हज़ार

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