पहले मनी लांड्रिंग केस का डर, फिर 10 दिन डिजिटल अरेस्ट; दिल्ली में 88 वर्षीय महिला ने गंवाए 78 लाख
दिल्ली के सरिता विहार में 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने 10 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 78 ...और पढ़ें

मुकदमे में फंसने का डर दिखाकर डराने धमकाने के बाद साइबर ठगों ने केस से राहत दिलाने का झांसा देकर 78 लाख ठग लिए।
HighLights
सरिता विहार की 88 वर्षीय महिला से 78 लाख रुपये की ठगी।
साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया।
बेटी को बैंक नोटिफिकेशन से ठगी का पता चला, पुलिस जांच जारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सरिता विहार की रहने वाली 88 साल की बुजुर्ग महिला को 10 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर साइबर ठगों द्वारा उनसे 78 लाख रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है।
महिला को बताया गया कि उनके बैंक अकाउंट से जुडे़ मनी लांड्रिंग का एक केस दर्ज हुआ है। मुकदमे में फंसने का डर दिखाकर डराने धमकाने के बाद साइबर ठगों ने केस से राहत दिलाने का झांसा देकर उनसे अपने बैंक खातों में दो अलग-अलग तारीखों में 78 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
बेटी को ईमेल पर नोटिफिकेशन
ठगी करने के बाद महिला की बेटी को बैंक से आरटीजीएस ट्रांजेक्शन के बारे में ईमेल नोटिफिकेशन मिलने पर पता चला। उसे ठगी की जानकारी मिली। इसके बाद पहले सरिता विहार थाने में शिकायत दी गई।
जांच के बाद केस को इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक आपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया। देर से शिकायत करने पर ठगी की रकम कई म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिए जिससे पैसे को फ्रीज नहीं कराया जा सका।
करीब 5.30 बजे उनके पास काॅल आई
पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिला सरिता विहार में अकेले रहती है, उनके पति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं जो अलग-अलग रहते हैं। बीते 24 अगस्त की शाम करीब 5.30 बजे उनके पास काॅल आया था। काॅलर ने उनसे कहा कि उनके बैंक अकाउंट से जुड़ा मनी लांड्रिंग का एक मामला दर्ज किया गया है।
फोन कैमरा चालू रखने का भी निर्देश
इसके बाद धोखाधड़ी करने वालों ने उन्हें कई लोगों (जिनमें एक फर्जी सीनियर ज्यूडिशियल अधिकारी शामिल था) के बीच बातचीत की तस्वीरें दिखाईं और कहा कि वे उन्हें इस कानूनी मुसीबत से बाहर निकालने और उनके परिवार को किसी भी कार्रवाई से बचाने में मदद करेंगे। ठगों ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा और हर घंटे उन्हें रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। उन्हें पूरी रात अपना फोन कैमरा चालू रखने का भी निर्देश दिया गया था।
डराकर एक एप्प डाउनलोड करवाया
पुलिस के अनुसार, काॅलर ने उनसे बातचीत करने के लिए कई मोबाइल नंबरों और वाट्सएप काल का इस्तेमाल किया। ठगों ने उनसे बातचीत के लिए एक सोशल मीडिया एप्लिकेशन डाउनलोड और इस्तेमाल करने के लिए भी कहा। इस पर महिला ने एक सितंबर को अपने एक बैंक अकाउंट से पहले 51 लाख रुपये ट्रांसफर किए और अगले दिन दो सितंबर को भी आरटीजीएस के जरिए दूसरे अकाउंट से 27 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ठगों की हर बात मानती रही पीड़िता
ठगी करने के बाद ठगों ने उन्हें बैंक अकाउंट और ट्रांजक्शन की जानकारी वाले वाट्सएप मैसेज डिलीट करने का निर्देश दिया साथ ही उन्हें इस बारे में किसी और को कुछ भी नहीं बताने की धमकी दी। महिला दो सितंबर तक उनके निर्देशों का पालन करती रही।
जब उनकी बड़ी बेटी को दो सितंबर को किए गए 27 लाख रुपये के आरटीजीएस ट्रांजक्शन के बारे में बैंक से एक ईमेल नोटिफिकेशन मिला तब गुरुग्राम में रहने वाले दामाद उसी शाम उनके घर आए।
उनसे पूछताछ में ठगी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और सरिता विहार थाने में भी शिकायत दर्ज करा दी गई।
यह भी पढ़ें- दिल्ली के GTB अस्पताल में 7 मंजिला ट्रॉमा ब्लॉक को मंजूरी, 77 क्रिटिकल केयर बेड और 9 OT बनाने का प्लान
यह भी पढ़ें- रिलायंस होम फाइनेंस मनी लांड्रिंग केस में अमिताभ झुनझुनवाला को नहीं मिली जमानत, दिल्ली HC ने ED से मांगी रिपोर्ट
