विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या का खुलासा, साजिशन पीटा, पसलियां टूटीं और तिल्ली फटने से हुई मौत

Published: Mon, 19 Oct 2026 02:23 PM (IST)

दक्षिणी दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

मणिपुरी संगीतकार की हत्या में खुलासा। AI जनरेटेड

मणिपुरी संगीतकार की हत्या में खुलासा। AI जनरेटेड

HighLights

  1. मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या।

  2. सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

  3. पिटाई से पसलियां टूटीं, तिल्ली फटने से मौत।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के किलोकरी क्षेत्र में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या मामले में सन लाइट थाना पुलिस ने सोमवार को सात आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने और सामूहिक रूप से मिलकर हत्या करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना 6 सितंबर की है, जब चोंगथम विक्रम सिंह ने घर के पास ही ढाबे पर जमा कुछ लोगों (जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था) से शोर कम करने के लिए कहा तो आरोपियों ने उनकी जमकर पिटाई की।

वहीं, इतना ही नहीं जब वे भागकर घर पहुंचे तो आरोपी पीछा करते हुए आए और दरवाजे के पास भी मिलकर पिटाई की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मौत छाती और पेट पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी। उनकी कई पसलियां टूट गईं और तिल्ली फटने से अंदरूनी हिस्से में रक्तस्त्राव होने से बाद में मौत हो गई।

चार्जशीट सात आरोपियों ढाबा कर्मी भरत कुमार (जीवन नगर), प्रमोद (भगवान नगर), रमजान खान (सनलाइट कालोनी-एक), दीपांशु (अमर कालोनी), मोहन कुमार (सैनी ढाबा) व विजय (किलोकरी) एवं डिलीवरी ब्वाय मन्नू (किलोकरी) के खिलाफ बीएनएस की धारा 61 (आपराधिक साजिश), धारा 103(2) (पांच या उससे अधिक लोगों के समूह द्वारा हत्या), 103(1) और धारा 332(ए) (अपराध करने के इरादे से कहीं घुसना) के तहत दाखिल की गई है।

पुलिस के मुताबिक, 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह परिवार के साथ किलोकरी गांव रहते थे। वह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले थे और मैतेई समुदाय से थे। दिल्ली एक संस्थान के लिए बतौर संगीतकार काम करते थे। छह सितंबर की रात घर के बाहर कुछ डिलीवरी ब्वॉय और ढाबा कर्मचारी शोर-शराबा कर रहे थे।

वहीं, लगातार हो रहे हंगामे से परेशान होकर विक्रम सिंह नीचे आए और उन्हें शांत रहने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने विक्रम सिंह पर हमला कर दिया। उन्हें लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका बेटा उन्हें तत्काल होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा, पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पसलियां टूटने और तिल्ली फटने की पुष्टि

एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत पेट और सीने पर गंभीर शारीरिक हमले के कारण हुई, जिससे भारी ब्लीडिंग हुई। रिपोर्ट में बाईं ओर पहली से 11वीं पसली और दाईं ओर छठी से नौवीं पसली टूटी हुई पाई गईं, साथ ही टूटी हुई पसलियों के आसपास ब्लीडिंग और खून के थक्के भी मिले। तिल्ली (प्लीहा) फटने की बात भी सामने आई थी।

चार्जशीट में जोड़ी गई आपराधिक साजिश की भी धारा

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वे चोंगथम विक्रम सिंह को सिर्फ सबक सिखाना चाहते थे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हमला घातक साबित होगा। मामले में बेटे की शिकायत पर सनलाइट कालोनी थाने में बीएनएस की धारा 103(2) (पांच या उससे अधिक लोगों के समूह द्वारा हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

वहीं, मामले की जांच और पूछताछ के बाद बीएनएस की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 103(1) और धारा 332(ए) (अपराध करने के इरादे से कहीं घुसना) भी जोड़ी गई।

यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने ब्लेड से गला काटकर की आत्महत्या, बंगाल का रहने वाला था कर्मकार