नई दिल्ली [निहाल सिंह]। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Minister of Home Affairs amit shah ) ने अगर अपनी ही पार्टी के पूर्व महापौर की बात मान ली तो दिल्ली वालों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। दरअसल, पूर्व महापौर ने अमित शाह की उस बात का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद, जाली करेंसी, नशीली दवाओं, साइबार अपराध, हथियारों की तस्करी, और सीमा सुरक्षा जैसी नई चुनौतियों को निपटने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

उन्होंने पत्र में आगे लिखा है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में पुलिस बल की संख्या काफी कम है, इसलिए पुलिस कर्मियों को 24 घंटे से लेकर 365 दिन ड्यूटी करनी पड़ती है। अभी एक लाख की आबादी पर पर 198 पुलिसकर्मी हैं, जो आज दिल्ली में कुल स्वीकृत पदों में से अधिकतर पद खाली हैं। इस अनुपात में दिल्ली की बढ़ती आबादी को देखते हुए पुलिस की संख्या काफी कम है, जिस कारण दिल्ली में अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में दिल्ली में पुलिस में भर्ती करने के लिए दिल्ली के युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस में पड़ोसी राज्यों के लोग भर्ती हो जाते हैं और उस दौरान दिल्ली के युवा अपने आप को ठगा से महसूस करते हैं।

बढ़ सकता है विवाद

योगेंद्र चंदोलिया ने अपने पत्र में न केवल दिल्ली के लोगों को पुलिस में भर्ती के लिए प्राथमिकता देने की मांग की, बल्कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को लेकर भी विवादित बात भी लिखी है। इस पर आने वाले दिनों में विवाद बढ़ सकता है। योगेंद्र चंदोलिया ने अपने पत्र में लिखा है कि दिल्ली पुलिस में भर्ती के लिए आस-पास के राज्यों के लोग आते हैं जो कि व्यवहार कुशल नहीं होते।

उल्लेखनीय है कि योगेंद्र चंदोलिया इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में करोल बाग विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी थे। इतना ही वह उत्तरी दिल्ली नगर निगम में महापौर भी रह चुके हैं और एकीकृत निगम में स्थायी समिति के अध्यक्ष भी के साथ भाजपा के प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष भी हैं।

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