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नई दिल्ली, (शुजाउद्दीन) सोमवार तड़के यमुना ने चेतावनी संदेश को पार कर दिया है। शाम तक खतरनाक स्तर को पार कर जाएगी। पुराने लोहे के पुल के नीचे बनी कई झुग्गियां पानी में डूब गई। रात में ही यमुना खादर इलाकों में रहने वाले लोग अपना बोरिया बिस्तर समेट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे। हज़ारों की संख्या में लोग यमुना की बाढ़ से प्रभावित हो रहे है। पूर्वी जिला प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी रातभर खादर इलाकों में रहे। अधिकारियों ने मोटर बोट से यमुना का जायज़ा भी लिया।

यमुना की बाढ़ से लोगों में काफी दहशत है। क्योंकि जिस तरह से हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, उससे दिल्ली में भयंकर नुकसान की आशंका है। सोमवार सुबह कुछ लोग रिक्शे में भरकर तो कुछ सिर पर रखकर समान ले जाते हुए दिखे। लोहे वाले पुल के नीचे रहने वाले कुछ लोग नाव में समान रखकर लेकर गए।

सोमवार सुबह दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
हथिनी कुंड बैराज से सोमवार सुबह 8 बजे दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी कल तक दिल्ली आएगी। वही रविवार दोपहर 12 बजे बैराज से आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी आज दिल्ली पहुँच रहा है। अतिरिक्त जिलाधिकारी अरुण गुप्ता ने बताया कि सोमवार सुबह नो बजे तक यमुना का जलस्तर 204.70 मीटर था। जबकि यमुना का चेतावनी स्तर 204.50 है। शाम तक यमुना अपने खतरनाक स्तर 205.33 मीटर को पार कर सकती है।

लगाए गए राहत शिविर
जिला प्रशासन ने रविवार रात को ही सड़कों के फुटपाथ और सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर लगाने शुरू कर दिए थे। सोमवार सुबह लोग इन शिविरों में पहुँचने लगे। अतिरिक्त जिलाधिकारी अरुण गुप्ता ने बताया कि शिविर में रहने वाले लोगों को प्रशासन दो वक्त का भोजन देगा। प्रशासन ने यमुना किनारे सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स व दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए हैं।

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Posted By: JP Yadav

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