राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

बेहतर इलाज की उम्मीद में बाहर से दिल्ली पहुंचने वाले मरीजों को एम्स, सफदरजंग व आरएमएल अस्पताल में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) का फायदा मिलने लगा है। अकेले एम्स में इस योजना के तहत अब तक 15 मरीजों की निशुल्क सर्जरी हो चुकी है। जिसमें दिल की बीमारी से पीड़ित एक मरीज भी शामिल है।

एम्स के अनुसार पीएम-जय योजना के तहत ओपीडी में इलाज के लिए 1126 मरीज पहुंचे। इनमें से 273 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी हुआ। जिसमें से 15 मरीजों की अब तक सर्जरी हो चुकी है। इसमें आठ उत्तर प्रदेश, चार बिहार, दो झारखंड व एक उत्तराखंड के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा तीन मरीजों की सर्जरी की प्रक्रिया चल रही है। जिन मरीजों की अब तक सर्जरी हुई है उनमें ज्यादातर आंखों की बीमारी से पीड़ित थे। एम्स के आरपी सेंटर में अब तक इस योजना से आंखों की विभिन्न बीमारियों से पीड़ित नौ मरीजों की सर्जरी हुई है।

एम्स के अनुसार हृदय की बीमारी से पीड़ित एक मरीज को वेंट्रिकुलर सेप्लट डिफेक्ट (वीएसडी) दूर करने के लिए उपकरण लगाया गया। इस इलाज में 80 हजार रुपये खर्च आया पर मरीज को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसलिए परिजनों को पैसों का इंतजाम करने के लिए भटकना नहीं पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी में दिल के दोनों वेंट्रिकल के बीच काहिस्सा प्रभावित हो जाता है। बताया जा रहा है कि यह जन्मजात बीमारी है। प्रभावित हिस्से को बंद करने के लिए वीएसडी डिवाइस लगाने की जरूरत पड़ती है। एम्स से नौ मरीजों के इलाज का खर्च संबंधित राज्य सरकारों को भुगतान के लिए भेजा चुका है।

उल्लेखनीय है कि पीएम-जय योजना के तहत इलाज का खर्च केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं। अस्पतालों को इलाज का खर्च राज्य सरकार के माध्यम से पहुंचता है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आयुष्मान भारत पीएम-जय योजना के लाभार्थियों के इलाज की सुविधा सुचारु रूप से काम करने लगी है। इस योजना के लाभार्थियों के लिए अलग से जगह निर्धारित की गई है और वहां पीएम-जय का कियोस्क लगाया गया है। मरीजों की मदद के लिए आठ आरोग्य मित्र नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा एम्स में दो करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। लाभार्थी मरीज को दवाएं सहित सहित तमाम सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Posted By: Jagran

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