जब माइक डेनिस के कारण बदनाम हुए सचिन तेंदुलकर, ICC ने लगाया बैन; फिर हर कोई 'क्रिकेट के भगवान' के सामने झुका
भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने हमेशा ही खेल भावना का सम्मान किया। हालांकि, उनके करियर में एक बार ...और पढ़ें

सचिन तेंदुलकर (फोटो: BCCI)

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को 'क्रिकेट का भगवान' कहा जाता है। तेंदुलकर ने अपने करियर के दौरान ये सुनिश्चित किया कि वे किसी विवाद में न पड़ें। यही नहीं उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर खेल की भावना को भी बरकरार रखा। हालांकि, उनके करियर में एक मोड़ ऐसा आया, जब उनके ऊपर चीटिंग करने का आरोप लगा।
पूर्व भारतीय कप्तान पर गेंद के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया था। इसके बाद फैंस भी गुस्सा हो गए थे। तेंदुलकर को गेंद के साथ छेड़छाड़ के लिए एक मैच के लिए बैन भी कर दिया गया था। जिस खिलाड़ी को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है और उसने खेल भावना का हमेशा ही पालन किया, उसके ऊपर ये आरोप लगाए गए। हालांकि, बाद में आईसीसी को भी झुकना पड़ा और बैन को हटाना पड़ा था।
सचिन तेंदुलकर पर लगा था आरोप
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच साल 2001 में पोर्ट एलिजाबेथ में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा था। मैच के तीसरे दिन तेंदुलकर गेंदबाजी करने के लिए आए। उन्हें पिच से अन्य गेंदबाजों से अधिक मदद मिल रही थी। इसके बाद हर कोई हैरान था। कैमरामैन ने तेंदुलकर पर फोकस किया, तो वे सीम साफ कर रहे थे। हालांकि, मैच रेफरी माइक डेनिस को पता नहीं ऐसा क्या दिखा कि उन्होंने गेंद के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया। इसके बाद तेंदुलकर को एक मैच क लिए बैन कर दिया गया था।
पूर्व महान बल्लेबाज पर बैन लगने के बाद हंगामा मच गया। ये उनके साफ-सुथरे करियर में एक बड़ा दाग था। हालांकि, इसके बाद फैंस नाराज हो गए और साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड के साथ आईसीसी की भी जमकर आलोचना करने लगे।
आईसीसी को हटाना पड़ा था बैन
तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी पर बैन लगाने से फैंस नाराज हो गए और उन्होंने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी सचिन का पूरा साथ दिया। इससे बीसीसीआई, साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के बीच टकराव भी देखने को मिला। हलांकि, पर्याप्त सबूत नहीं होने की वजह से तेंदुलकर के ऊपर से वो बैन हटा लिया गया था।
