एशियाई खेलों की टीम में जसप्रीत बुमराह का क्या काम? वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड दौरे के लिए फिट रखना था
भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी बड़े खिलाड़ी की फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन की बात होती है तो जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे पहले आता है।
-1789754388428_m.webp)
जसप्रीत बुमराह

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी बड़े खिलाड़ी की फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन की बात होती है तो जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे पहले आता है। लगातार चोटों से जूझते रहे बुमराह ने हाल में ही अफगानिस्तान के विरुद्ध मैदान पर वापसी की है और ऐसे में एशियाई खेलों में उन्हें उतारने का फैसला सवालों के घेरे में है।
क्या बुमराह को एशियाई खेलों में उतारना वास्तव में जरूरी है या फिर उन्हें आइची-नागोया में होने वाले इन खेलों से विश्राम देकर आगामी वेस्टइंडीज सीरीज और उसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए पूरी तरह फिट रखना ज्यादा व्यावहारिक होता?
बुमराह को जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान घुटने में चोट लगी थी। इसके बाद उन्होंने करीब दो महीने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिहैबिलिटेशन किया। लंबे ब्रेक के बाद उन्हें हाल में अफगानिस्तान के विरुद्ध तीन मैचों की टी-20 सीरीज में मौका दिया गया।
यहां खिलाने के पीछे तर्क यह था कि उनकी मैच फिटनेस की परख हो जाए लेकिन नेपाल या अन्य कमजोर टीमों के विरुद्ध एशियाई खेलों में बुमराह की जरूरत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यहां पर पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान ने भी अपनी मजबूत टीम नहीं भेजी है।
पिछले संस्करण में भारत ने अपेक्षाकृत युवा और दूसरी पंक्ति की टीम उतारी थी। इसके बावजूद स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही थी। ऐसे में इस बार भी बुमराह जैसे अनुभवी और चोट से लौटे खिलाड़ी को आराम देकर युवा खिलाड़ियों को मौका देने का विकल्प मौजूद था।
वहीं, एशियाई खेलों और वेस्टइंडीज सीरीज की तारीखों में भी टकराव है। वेस्टइंडीज का दौरा 27 सितंबर से शुरू होगा और शुरुआत में तीन वनडे खेले जाएंगे। दूसरी ओर एशियाई खेलों में भारत का अभियान 28 सितंबर से शुरू होना है। ऐसे में बुमराह और कुछ अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के विरुद्ध वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध कराया जा सकता था।
विंडीज से होने वाली वनडे सीरीज भी भारत के लिए कम महत्वपूर्ण नहीं है। आगे के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और अगले बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए खिलाड़ियों का सही संयोजन और फिटनेस बनाए रखना जरूरी होगा। यही वजह है कि बुमराह को एशियाई खेलों के बजाय वेस्टइंडीज सीरीज के लिए प्राथमिकता देना सही विकल्प होता।
वॉशिंगटन सुंदर भी चयन को लेकर चर्चा में
सिर्फ बुमराह ही नहीं, वॉशिंगटन सुंदर के चयन पर भी सवाल उठता है। दरअसल, टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर वेस्टइंडीज के विरुद्ध वनडे सीरीज में सुंदर को खिलाना चाहते थे। इसकी एक वजह वेस्टइंडीज की टीम में मौजूद पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। ऑफ स्पिनर सुंदर ऐसे बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
दूसरी ओर एशियाई खेलों में भारतीय टीम के कोच वीवीएस लक्ष्मण भी सुंदर को टीम में रखना चाहते हैं। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि नेपाल की टीम में भी दो बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। अगर मौजूदा टी-20 टीम के संयोजन पर नजर डालें तो अंतिम एकादश में सुंदर की जगह फिलहाल स्पष्ट नजर नहीं आती। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि खिलाड़ी कितना उपयोगी है, बल्कि यह भी है कि जब एशियाई खेलों और वेस्टइंडीज सीरीज के बीच तिथियों का टकराव हो, तो प्राथमिकता किसे दी जाए।
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से खिलाड़ियों के कार्यभार और चोट से बचाव पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। खासकर बुमराह जैसे तेज गेंदबाज के मामले में सावधानी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में बुमराह और सुंदर जैसे खिलाड़ियों को किस सीरीज में इस्तेमाल किया जाए, यह फैसला तत्काल जरूरत और लंबे समय की योजना के बीच संतुलन का मामला बन गया है।
न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज तक फिट हो जाएंगे आकाशदीप
भारतीय टीम प्रबंधन न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए आकाशदीप को देख रहा है। वह अभी सीओई में 15-15 ओवर की गेंदबाजी कर रहे हैं। आकाशदीप का चयन ईरानी ट्रॉफी के लिए शेष भारत की टीम में भी किया गया है। हालांकि उनकी उपलब्धता फिटनेस पर निर्भर करेगी।
