भगवान शिव की नगरी में जल्द होगा 'क्रिकेट का शंखनाद', वाराणसी के नए नवेले स्टेडियम को मिलेगा मेजबानी
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जल्द ही मेजबानी के लिए तैयार होगा। भगवान ...और पढ़ें

वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में तैयार हो रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में जल्द ही क्रिकेट का रोमांच देखने को मिल सकता है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो वाराणसी के गंजारी में बन रहा यह स्टेडियम अगले साल जनवरी से मार्च के बीच होने वाले महिला प्रीमियर लीग (WPL) के मुकाबलों की मेजबानी करेगा।
बुधवार को हुई डब्ल्यूपीएल संचालन परिषद की बैठक में अगले सत्र के लिए वाराणसी के अलावा मुंबई के सीसीआई और वडोदरा को आयोजन स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया है। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, स्टेडियम के पूरी तरह तैयार होने के बाद सबसे पहले अक्टूबर-नवंबर में वहां रणजी ट्रॉफी का मुकाबला कराया जा सकता है।
रणजी मैच के बाद हो सकते हैं WPL के मैच
इसका उद्देश्य नई पिच और मैदान की तैयारियों को परखना होगा। रणजी मैच के सफल आयोजन के बाद यहां डब्ल्यूपीएल मुकाबले आयोजित किए जाने की संभावना है। इसके बाद स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
डब्ल्यूपीएल के पांच टीमों वाले टूर्नामेंट में जुड़ेगा नया शहर
डब्ल्यूपीएल में फिलहाल पांच टीमें हिस्सा लेती हैं। इनमें दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात जायंट्स और यूपी वॉरियर्स शामिल हैं। अब तक इस प्रतिष्ठित महिला टी20 टूर्नामेंट के मुकाबले दिल्ली, मुंबई, वडोदरा, लखनऊ और बेंगलुरु में आयोजित किए जा चुके हैं। यदि प्रस्तावित योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो वाराणसी भी डब्ल्यूपीएल के आयोजन स्थलों की सूची में शामिल हो जाएगा। वाराणसी के लिए यह मौका इसलिए भी खास होगा क्योंकि शहर में बन रहा नया स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं के साथ काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।
शिव और काशी की झलक वाला स्टेडियम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर 2023 में वाराणसी के गंजारी में इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी थी। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्टेडियम को धार्मिक थीम पर विकसित किया जा रहा है। स्टेडियम की डिजाइन में प्राचीन शहर काशी, भगवान शिव और स्थानीय विरासत की झलक देखने को मिलेगी। स्टेडियम की संरचना और सुविधाओं को भी पारंपरिक क्रिकेट स्टेडियमों से अलग रूप देने की कोशिश की गई है। यहां दर्शकों के प्रवेश द्वार, पवेलियन और फ्लडलाइट्स की डिजाइन विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।
रणजी और WPL के बाद हो सकते हैं इंटरनेशनल मैच
स्टेडियम में डमरू के आकार का मीडिया बॉक्स और त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स लगाए जाने की जानकारी है।जानकारी के अनुसार, स्टेडियम में कुल 14 पिचें तैयार की जाएंगी, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। ऐसे में यहां घरेलू क्रिकेट से लेकर बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक की मेजबानी की क्षमता विकसित की जा रही है। फिलहाल सभी की नजरें स्टेडियम के पूरी तरह तैयार होने और इसके उद्घाटन पर टिकी हैं। यदि डब्ल्यूपीएल के मुकाबले यहां होते हैं तो यह इस नए क्रिकेट केंद्र के लिए बड़ी शुरुआत होगी।
रणजी मुकाबले के बाद डब्ल्यूपीएल की मेजबानी और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आयोजन वाराणसी को भारतीय क्रिकेट के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। काशी की पहचान और आधुनिक क्रिकेट सुविधाओं के मेल से तैयार हो रहा यह स्टेडियम केवल खेल प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय बन सकता है। परिसर को इस तरह विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है कि देश-विदेश से आने वाले दर्शकों को स्टेडियम में ही काशी की संस्कृति और शिव की नगरी की झलक महसूस हो।
