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एमएस धोनी ने ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद टीम इंडिया को सेलिब्रेशन करने से क्यों किया था मना? ऐतिहासिक जीत के पीछे है दिलचस्प कहानी

Published: Fri, 06 Nov 2026 06:00 AM (IST)

एमएम धोनी ने 2008 की सीबी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद टीम इंडिया को जश्न मनाने से रोका ...और पढ़ें

एमएस धोनी

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएम धोनी को उनके शांत व्यवहार के लिए कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। धोनी विषम परिस्थितियों में भी शांत रहते हैं। धोनी शांत रहते हुए कई बार ऐसी चाल चलते थे, जिससे विपक्षी टीम भी सोच में पड़ जाती थी। उन्होंने ऐसा ही कुछ 2008 में सीबी सीरीज के दौरान किया था, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनके घर में हराकर माही ने टीम इंडिया को सेलिब्रेट करने से इनकार कर दिया था।

रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने घर पर खेल रही थी और उस समय वे हार को अपसेट की तरह लेते थे। धोनी इसी घमंड को तोड़ना चाहते थे कि ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में हराना कोई बड़ी बात नहीं है। इस वजह से उन्होंने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को जीत के बाद जश्न मनाने से इनकार कर दिया था। इससे माही बस कंगारुओं को एक ही संदेश देना चाहते थे।

भारतीय टीम ने नहीं मनाया था जश्न

दरअसल, भारत, ऑस्ट्रेलियाई और श्रीलंका के बीच ट्राई सीरीज खेली जा रही थी। उस सीरीज के दौरान भारत ने एक मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 159 रनों पर समेट दिया था। भारत के लिए इशांत शर्मा ने चार, श्रीसंत ने तीन और इरफान पठान ने दो विकेट हासिल किए। 160 रनों का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने भी 102 रनों के स्कोर पांच विकेट गंवा दिया था। इसके बाद युवा रोहित शर्मा और एमएस धोनी पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी थी। दोनों ने यही किया और टीम इंडिया को जीत दिलाई।

धोनी ने जब जीत के लिए 10 रन चाहिए थे, तो ग्लव्स बदलने का नाटक किया। उन्होंने ड्रेसिंग रूम में संदेश भिजवाया कि कोई भी जीत के बाद जश्न नहीं मनाएगा। दूसरी तरफ वे रोहित को भी समझा रहे थे कि जीत के बाद मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ कैसा व्यवहार करना है? भारतीय टीम ने जीत के बाद बिल्कुल ऐसा ही किया और उसे सेलिब्रेट नहीं किया। इसकी ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में बहुत चर्चा हुई।

टीम इंडिया ने जीती थी सीरीज

इस घटना पर भरत सुंदरेशन ने अपनी किताब द धोनी टच में विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने बताया है कि धोनी बस ऑस्ट्रेलियाई को यही संदेश देना चाहते थे कि उन्हें हराना कोई बड़ी बात नहीं है। धोनी की इस चाल से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी हैरान रह गए थे। इसका असर ऐसा पड़ा कि जो कंगारू टीम हार को बर्दास्त नहीं कर पाती थी, उन्हें सीरीज में हार का सामना करना पड़ा और भारत ने धोनी की कप्तानी में सीरीज पर कब्जा जमाया था।

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