अमिताभ बच्चन से हिंदी सीखकर कमेंट्री करने आया अफगानी क्रिकेटर, सुनील गावस्कर ने भी माना लोहा
अफगानिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शराफउद्दीन शाकिर ने भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में अपनी हिंदी कमेंट्री से सबको प्रभावित किया। उन्होंने बताया ...और पढ़ें

अफगानी शख्स हिंदी में कर रहा कमेंट्री

समय कम है?
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स्पोर्टस डेस्क, नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच जो तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली गई उसमें हिंदी कमेंट्री में एक अलग आवाज सुनाई दी गई होगी। ये आवाज कुछ नई सी थी जो पहले बहुत ही कम लोगों ने हिंदी कमेंट्री में सुनी होगी। इस आवाज के पीछे जो शख्स थे वे हैं शराफउद्दीन शाकिर। शाकिर अफगानिस्तान में घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं और अब कमेंट्री कर रहे हैं।
अफगानिस्तान के शख्स का हिंदी में बात करना भी अजीब लगता है जबकि शाकिर तो कमेंट्री कर रहे हैं। इसके पीछे वजह बॉलीवुड के शहंशाह माने जाने वाले दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन हैं। हिंदी फिल्मों को देख शाकिर ने अपनी हिंदी में सुधार किया और नतीजा इस सीरीज में सभी ने देखा।
खुदा गवाह है फेवरेट
शाकिर ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि उन्हें हिंदी फिल्में काफी पसंद हैं और वहीं से उन्होंने हिंदी सीखी है। वह अमिताभ बच्चन की फिल्म खुदा गवाह के फैन हैं। उन्होंने कहा, "लोग क्रिकेट सिर्फ देखते नहीं है। हिंदी फिल्मों को भी लोग काफी शौक से देखते हैं।"
खुदा गवाह में अभिताभ का किरदार उन्हें काफी पसंद आया और वह शाकिर पर एक छाप छोड़ गया। शाकिर के मुताबिक इस फिल्म ने दोनों देशों के बीच के अंतर को कम करने का काम किया। उन्होंने कहा, "वह (अमिताभ बच्चा) काबुल भी आए थे। वहां शूटिंग हुई थी। कुंडुज में भी शूटिंग हुई थी। काबुल का पठान भारतीय जमीन पर हिंदी कमेंट्री कर रहा है।
उनकी हिंदी सुनकर भारत के महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर भी हैरान रह गए। गावस्कर ने उन्हें थम्स अप किया। शाकिर ने कहा, "उन्होंने मुझे थम्स-अप किया और कहा कि आप अच्छी हिंदी बोलते हैं।"
पाश्तो से की शुरुआत
शाकिर ने अपने कमेंट्री करियर की शुरुआत पाश्तो से की थी। उनके एक दोस्त ने उन्हें इसके लिए प्रेरित किया और फिर शाकिर ने माइक उठा लिया। वह अफगानिस्तान में पॉडकास्ट होस्ट भी हैं, लेकिन क्रिकेट उनका पहला प्यार है। उन्होंने कहा, "हिंदी फिल्मों से हिंदी सीखी और आज भारत में कमेंट्री कर रहे हैं।"
शाकिर ने बताया कि जब अफगानिस्तान टीम नहीं खेलती थी तो वह भारत को फेवर करते थे। सचिन तेंदुलकर शाकिर के हीरो रहे हैं और राहुल द्रविड़ को देखकर वह बड़े हुए हैं। ऐसे कई क्रिकेटरों को देखकर शाकिर बड़े हुए हैं आज वह उनके साथ एक ही कमेंट्री बॉक्स में कमेंट्री करते हैं।
