Exclusive: शेफाली वर्मा ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने का खोला राज, कहा - एक कैंप के कारण सबकुछ बदल गया
भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में टीम की सफलता का राज खोला। शेफाली वर्मा ने एशियाई खेलों ...और पढ़ें

शेफाली वर्मा (file pic)
HighLights
शेफाली वर्मा का एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन
वर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में 188 रन बनाए और 4 विकेट झटके
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता
शेखर झा, जागरण नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रारंभिक बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने एशियाई खेलों में अपने बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन कर टीम की स्वर्णिम सफलता में अहम भूमिका निभाई। जापान में आयोजित महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में शेफाली ने 188 रन बनाने के साथ चार विकेट भी हासिल किए।
उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स की खिलाड़ी शेफाली वर्मा ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में टीम की तैयारियों, फाइनल के दबाव और ड्रेसिंग रूम से मैदान तक खिलाड़ियों के बीच तालमेल को लेकर विस्तार से बात की।
कैंप से काफी मदद मिली: शेफाली
शेफाली ने बताया कि एशिया कप के बाद टीम को एशियाई खेलों में हिस्सा लेना था। इससे पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में टीम का कैंप आयोजित किया गया था। इस दौरान पूरी टीम ने एक साथ अभ्यास किया और अपनी तैयारियों को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि कैंप में फील्डिंग, फिटनेस और टीम बांडिंग पर विशेष ध्यान दिया गया।
शेफाली ने कहा कि इन सभी पहलुओं पर की गई मेहनत का असर एशियाई खेलों में टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि खिताब जीतने के बाद पूरी टीम बेहद खुश है और इस सफलता ने खिलाड़ियों को भविष्य में और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है।
फाइनल में साझेदारी से बढ़ा आत्मविश्वास
फाइनल मुकाबले में दबाव की स्थिति को याद करते हुए शेफाली ने बताया कि भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी और वह स्मृति मंधाना के साथ क्रीज पर थीं। शुरुआत में थोड़ा दबाव महसूस हुआ, लेकिन जैसे-जैसे दोनों के बीच साझेदारी आगे बढ़ी और बल्लेबाजी में लय हासिल हुई, टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।
उन्होंने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और टीम का लक्ष्य 190 से अधिक रन बनाना था। शेफाली ने श्रीलंका की टीम की भी तारीफ करते हुए कहा कि उसने कड़ी मेहनत करके फाइनल में जगह बनाई थी। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का समर्थन किया। गेंदबाजी के दौरान भी टीम के गेंदबाजों ने एक इकाई के रूप में शानदार प्रदर्शन किया।
मानसिक तैयारी पर किया काफी काम
शेफाली ने अपनी हालिया सफलता का श्रेय मानसिक तैयारी को भी दिया। शेफाली ने कहा कि 2025 से मैंने अपनी मानसिक तैयारी पर काफी काम किया है। बचपन से ही मैंने अपनी स्किल पर काफी मेहनत की है, लेकिन मुझे लगता था कि मैं अपनी मानसिकता के मामले में पीछे थी। इसलिए 2025 से मैंने मानसिक तैयारी पर काफी ध्यान दिया। इसका असर अब दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि मैच जीतने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ता है और इससे मेरे और टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। जब मैं टीम के साथ नहीं थी, तब मैंने बाकी चीजों को अलग रखकर खुद पर काफी मेहनत की। मुझे खुशी है कि मैंने उस समय खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।
