विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शुभमन गिल की परेशानी बना न्यूजीलैंड दौरे का शेड्यूल, टीम प्रबंधन के सामने खिलाड़ियों की तैयारी बड़ी चुनौती

By Abhishek TripathiEdited By: Rajat Gupta
Published: Sun, 20 Sep 2026 06:00 AM (IST)

भारतीय टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं।

शुभमन गिल।

शुभमन गिल।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

अभिषेक त्रिपाठी, जागरण नई दिल्ली। दो महीने पहले ब्रिटेन दौरे पर भारतीय टीम को पर्याप्त अभ्यास नहीं मिला और परिणाम यह हुआ कि भारतीय टीम को आयरलैंड से 0-2 और उसके बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। इसके बाद उसे वनडे सीरीज में 1-2 से हार मिली।

अब भारतीय टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम पर भी सवाल उठ रहे हैं। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से पांच टी-20 मैचों से होगी, इसके बाद चार नवंबर से पांच वनडे खेले जाएंगे और फिर महज चार दिन के अंतराल में 19 नवंबर से टेस्ट सीरीज शुरू हो जाएगी। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता टेस्ट टीम में शामिल खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने को लेकर है।

न्यूजीलैंड दौरे पर शुभमन गिल, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी वनडे टीम का हिस्सा होंगे और इसके बाद उन्हें टेस्ट मैच भी खेलना है। ऐसे में इन खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट के अनुकूल होने के लिए जरूरी अभ्यास का मौका नहीं मिल पाएगा।

विशेष बात है कि न्यूजीलैंड में पहले टी-20 और वनडे सीरीज होगी। इसके बाद टेस्ट से पहले कोई अभ्यास मैच भी निर्धारित नहीं है। अगले साल वनडे विश्व कप को देखते हुए वनडे सीरीज भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के लिहाज से टेस्ट मैचों का महत्व और अधिक है। ऐसे में टीम को दोनों प्रारूपों के बीच संतुलन बनाना होगा।

सूत्रों ने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ को भी दो हिस्सों में बांटा जाएगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल, सहायक कोच सितांशु कोटक और क्षेत्ररक्षण कोच सुभादीप घोष में से दो सदस्य आखिरी दो वनडे में टीम के साथ माउंट मैंगनुई रहेंगे, जबकि बाकी दो टेस्ट टीम की तैयारी के लिए वेलिंगटन जाएंगे जहां पहला टेस्ट खेला जाना है।

कप्तान गिल सहित टेस्ट टीम के कुछ खिलाड़ी भी पहले पहुंचकर लाल गेंद से अभ्यास करेंगे। बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अगर वनडे सीरीज पहले और उसके बाद टी-20 सीरीज रखी जाती, तो वनडे टीम के खिलाड़ी टेस्ट टीम से जुड़कर पर्याप्त अभ्यास कर सकते थे।

टी-20 और टेस्ट टीमों में काफी अंतर होने के कारण टी-20 सीरीज का टेस्ट तैयारी पर असर नहीं पड़ता। एक अन्य सुझाव यह था कि वनडे और टेस्ट के बीच चार-पांच दिन अतिरिक्त रखे जाते, तो खिलाड़ियों को लाल गेंद अभ्यास का पर्याप्त समय मिल सकता था।

टीम से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि यदि टीम प्रबंधन से पहले चर्चा की जाती, तो वह वनडे-टी20-टेस्ट का क्रम सुझा सकता था। मौजूदा कार्यक्रम में आखिरी दो वनडे में भारत को कमजोर संयोजन के साथ उतरना पड़ सकता है, क्योंकि प्रमुख खिलाड़ी टेस्ट की तैयारी के लिए पहले रवाना हो सकते हैं। ऐसे में अगर उन मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन खराब रहता है तो उस पर सवाल उठ सकते हैं।

अगले साल वनडे विश्व कप को देखते हुए वनडे सीरीज भी महत्वपूर्ण है और डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए टेस्ट सीरीज भी महत्वपूर्ण है। किसी एक को हारने पर टीम को आलोचना झेलनी होगी लेकिन हम आखिरी दो वनडे में मजबूत टीम नहीं उतार पाएंगे। कुल मिलाकर न्यूजीलैंड दौरे का व्यस्त कार्यक्रम भारत के सामने सिर्फ खिलाड़ियों के वर्कलोड का नहीं, बल्कि वनडे और टेस्ट की तैयारी के बीच सही संतुलन बनाने का भी सवाल खड़ा करता है।

यह भी पढ़ें- 'कोच के तौर पर मैं सारी आलोचना झेल लूंगा, लेकिन'; शुभमन गिल के सपोर्ट में खुलकर उतरे गौतम गंभीर

यह भी पढ़ें- वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेंगे ध्रुव जुरेल, आगरा के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह