'हाथ मिलाया, बात की... पर ट्रॉफी नहीं ली!' मोहसिन नकवी और बीसीसीआई सचिव की मुलाकात का सच आया सामने
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी नहीं ली, लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उनसे ...और पढ़ें

बीसीसीआई सचिव ने की मोहसिन नकवी से मुलाकात
HighLights
महिला टीम ने मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी नहीं ली
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने नकवी से हाथ मिलाया, बात की
बीसीसीआई ने टीम को नकवी से ट्रॉफी न लेने को कहा था
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पुरुष टीम के रास्ते पर चलते हुए मोहसिन नकवी से एशिया कप की ट्रॉफी नहीं ली। नकवी स्टेज पर आए और खड़े रहे, लेकिन हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम की कोई भी खिलाड़ी ट्रॉफी लेने नहीं गईं। हालांकि, उन्हें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से बात करते और हाथ मिलाते हुए देखा गया।
इस पर सवाल उठ रहे हैं कि जब महिला टीम की खिलाड़ियों ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली तो फिर बीसीसीआई सचिव ने उनसे बात क्यों की और हाथ क्यों मिलाया? इसे लेकर सैकिया ने अपना पक्ष रखा है।
आम बात थी
सैकिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह पूरे समय रॉयल बॉक्स के बाहर बैठे थे और वहीं नकवी थे। ऐसे में उनका नकवी से हाथ मिलाना परंपरा का हिस्सा था। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं था कि हम किसी से मिलेंगे नहीं। मैं टॉस के समय से ही रॉयल बॉक्स के बाहर बैठा था और मैच खत्म होने तक बैठा रहा। मैं पूरे मैच के दौरान वहां एक ही जगह बैठा रहा। जो आया वो मुझसे वहां मिला। कोई मेरे पास बैठा था इसके बाद राजीव शुक्ला आए वो बैठे। जिस शख्स का आपने नाम लिया (नकवी) वह भी वहां बैठे थे। उनके साथ डिप्टी चेयरमैन खालित साहिब भी थे। ये एक आम परंपरा थी। जब भी कोई आता है तो हम मिलते हैं और बात करते हैं।"
Imagine Mohsin Naqvi congratulating Rajeev Shukla and Devajit Saikia after India Women beat Sri Lanka Women in the Asia Cup final. 😂
— Bhasker (@HeyBhasker) September 13, 2026
From “trophy drama” to congratulating India’s officials — what a character arc. 😭🇮🇳🏆 pic.twitter.com/vKX5jAlqod
टीम को किया मना
भारत ने इस मैच को 72 रनों से अपने नाम किया। मैच खत्म होने के बाद टीम के कोच अमूल मजूमदार ने बताया कि बीसीसीआई की तरफ से उनकी टीम को मना किया गया था कि अगर नकवी ट्रॉफी लें तो वह न जाएं। हुआ भी ऐसा ही। नकवी स्टेज पर खड़े रहे, लेकिन टीम इंडिया वहां नहीं पहुंची और फिर नकवी चले गए। पिछले साल पुरुष एशिया कप में भी यही हुआ था। बस फर्क इतना था कि उस बार नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे इस बार नहीं गए।
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