दिल्ली से उत्तर प्रदेश लीग तक मैच फिक्सिंग की आहट, रचित भाटिया के दावों पर DDCA मांगा BCCI से मार्गदर्शन
राज्यों में शुरू हुई लीग में भी फिक्सिंग की गूंज सुनाई दे रही है।

इकाना स्टेडियम।

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अभिषेक त्रिपाठी, जागरण नई दिल्ली। राज्यों में शुरू हुई लीग में भी फिक्सिंग की गूंज सुनाई दे रही है। जहां दिल्ली क्रिकेट लीग (डीपीएल) में फिक्सिंग के आरोपों से तहलका मच गया है तो वहीं उत्तर प्रदेश टी-20 लीग में भी एक खिलाड़ी की शिकायत एंटी करप्शन यूनिट ने दी थी जिसके बाद उसे इस साल खत्म हुई लीग से पहले ही निकाल दिया गया था।
डीपीएल में सेंट्रल दिल्ली किंग्स के खिलाड़ी की ओर से फिक्सिंग की पेशकश की शिकायत और पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया के स्टिंग आपरेशन में किए गए दावों ने डीडीसीए की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मामले में डीडीसीए ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मार्गदर्शन मांगा है।
हालांकि, डीडीसीए ने स्पष्ट किया है कि स्टिंग में लगाए गए आरोप अभी सत्यापित नहीं हैं और किसी खिलाड़ी या फ्रेंचाइजी को दोषी नहीं माना जा सकता। वहीं उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि एंटी करप्शन यूनिट ने मेरठ मेवरिक्स के खिलाड़ी ऋतिक वत्स को लेकर शिकायत की थी। इस कारण से वत्स को इस साल लीग शुरू होने से पहले ही बाहर कर दिया गया था।
ऋतिक कई साल तक मेरठ टीम के सदस्य रहे हैं। उन्होंने 14 सितंबर 2024 को मेरठ मेवरिक्स के लिए आखिरी मैच खेला था। यूपीसीए के एक अधिकारी ने दैनिक जागरण से कहा कि हमने बीसीसीआई के एंटी करप्शन के अधिकारियों को लीग में लगाया है।
एसीयू की तरफ से शिकायत मिली थी कि एक खिलाड़ी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को संपर्क किया था। एसीयू की शिकायत पर यूपीसीए ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वत्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस खिलाड़ी पर बैन लगाया गया है या नहीं। हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि इस खिलाड़ी का चयन उत्तर प्रदेश की टीमों में नहीं होगा।
फिक्सिंग की आहट
मालूम हो कि इससे पहले तहलका वेबसाइट की अंडरकवर जांच में पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया ने दावा किया कि उसने आईपीएल-2025 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से जुड़ी अंदरूनी जानकारी सट्टेबाजों तक पहुंचाई। उसके अनुसार, पांच मैचों की प्लेइंग इलेवन की जानकारी देने के बदले उसे प्रत्येक मैच के 60 लाख रुपये मिले और कुल तीन करोड़ रुपये कमाए।
हालांकि, जिस खिलाड़ी के जरिये उसे यह जानकारी मिलने का दावा किया गया, उसकी पहचान रिपोर्ट में सार्वजनिक नहीं की गई है। भाटिया ने 2018-19 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी स्पाट फिक्सिंग का दावा किया। उसने कहा कि उसने जानबूझकर दो वाइड गेंदें फेंकीं और प्रत्येक के लिए आठ लाख रुपये मिले। उसने नागालैंड रणजी टीम में चयन के लिए 15 लाख रुपये देने का भी दावा किया। ये सभी दावे फिलहाल जांच और स्वतंत्र पुष्टि के अधीन हैं।
स्टिंग में डीपीएल में भी आहट
भाटिया ने आईपीएल में स्पाट फिक्सिंग के लिए एक करोड़ रुपये और टॉस से पहले प्लेइंग इलेवन की जानकारी के लिए 60 लाख रुपये का दावा किया। डीपीएल के लिए उसने दोनों गतिविधियों की कीमत 40 लाख रुपये बताई । जांच में तीन अगस्त को सेंट्रल दिल्ली किंग्स और नार्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के मुकाबले से पहले टीम की प्लेइंग इलेवन की जानकारी दिए जाने का दावा भी सामने आया।
एसीयू को दी जानकारी
इसी बीच डीपीएल-2026 में सेंट्रल दिल्ली किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज ने एक खिलाड़ी की ओर से की गई भ्रष्ट पेशकश की जानकारी एंटी करप्शन विंग (एसीयू) को दी। डीडीसीए के एक पदाधिकारी ने कहा, यह पेशकश उत्तर प्रदेश के एक खिलाड़ी की ओर से की गई थी, जो उत्तर प्रदेश की टी-20 लीग में भी खेल रहा था।
डीडीसीए ने इस मामले में बीसीसीआई को पत्र लिखकर आगे की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन मांगा है। वहीं डीडीसीए की तरफ से लिखित बयान जारी करके कहा गया है कि डीपीएल में भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रत्येक टीम के साथ सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
डीडीसीए ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोप अप्रमाणित हैं। संघ ने संबंधित अधिकारियों को सूचना भेजकर उचित प्रक्रिया के तहत जांच कराने का आग्रह किया है। डीडीसीए ने क्रिकेट की साख से समझौता करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति शून्य सहनशीलता की बात कही है और कहा है कि सक्षम प्राधिकरण की जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
