सौरव गांगुली पर जब लगा था घमंडी होने का आरोप, कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन पर के साथ हुआ था बड़ा विवाद
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पर डेब्यू से पहले घमंडी होने का आरोप लगा था, जिसमें कहा गया कि उन्होंने ड्रिंक्स ले जाने से मना किया था।

मोहम्मद अजहरूद्दीन-सौरव गांगुली

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट् डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अपने आक्रामक रवैये के लिए जाने जाते हैं। उनके कई विवाद सामने आए। दादा के नाम से मशहूर गांगुली मैदान पर तो अपनी आक्रमकता दिखाई ही लेकिन वे मैदान से बाहर भी उसी तरह रहते थे। उनका पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल के साथ विवाद भी खूब चर्चा में रहा।
इसके अलावा उन्होंने एक बार ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को टॉस के लिए इंतजार करवाया था। गांगुली ने ऐसा उस समय किया था, जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी विपक्षी टीम के खिलाफ खूब स्लेजिंग करते थे। हालांकि, उनका भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन के साथ भी एक विवाद सामने आया था लेकिन बाद में गांगुली ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
सौरव गांगुली और मोहम्मद अजहरूद्दीन के बीच विवाद
सौरव गांगुली ने अपना डेब्यू मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी में किया था। हालांकि, उनके डेब्यू से पहले एक खबर सामने आई थी, जहां गांगुली ने मैदान पर ड्रिंक्स ले जाने से मना कर दिया था। दरअसल, ये विवाद दादा के शुरुआती करियर में सामने आया था। ऐसी खबरें सामने आई कि गांगुली ने अपने शुरुआती मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, जिसकी वजह से उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था।
प्लेइंग-11 से बाहर होने के बाद उनको लेकर ऐसी खबरें सामने आईं कि उन्होंने मैदान पर ड्रिंक्स ले जाने से मना कर दिया था। दरअसल, कई सालों तक मीडिया में दावा किया जाता रहा कि गांगुली ने मैदान पर ड्रिंक्स ले जाने के लिए इनकार कर दिया था क्योंकि वे बाहर किए जाने से नाराज थे। हालांकि, बाद में गांगुली और अहजरूद्दीन दोनों ने ही इन खबरों को बकवास बताया था और इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
गांगुली और अजहरूद्दीन ने बताई थी सच्चाई
सौरव गांगुली ने बाद में इन खबरों का खंडन किया था। उनका कहना था कि ये मात्र अफवाहें थी और इससे अधिक कुछ नहीं। दूसरी तरफ अजहरूद्दीन ने भी इसे बकवास बताया था। पूर्व भारतीय कप्तान का मानना था कि गांगुली बहुत ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और उन्होंने कभी भी कोई अनुशासनहीनता नहीं दिखाई।
