राहुल द्रविड़ की वजह से जब सचिन तेंदुलकर नहीं लगा पाए दोहरा शतक, पारी घोषित करने के बाद ड्रेसिंग रूम में पसरा था सन्नाटा
पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में 194 रन पर थे जब राहुल द्रविड़ ...और पढ़ें

सचिन तेंदुलकर-राहुल द्रविड़

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। 'क्रिकेट का भगवान' पूर्व महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को कहा जाता है। उन्होंने अपने जीवन में ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो आज तक कोई नहीं कर सका है। तेंदुलकर ही दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाए हैं। उनके अलावा आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज ये कारनामा नहीं कर सका है।
तेंदुलकर को 'क्रिकेट का भगवान' सिर्फ उनके रिकॉर्ड्स के लिए ही नहीं कहा जाता है। उनके शांत व्यवहार का भी इसमें अहम रोल है। तेंदुलकर को जब कोई कुछ कहता या फिर उनकी आलोचना होती, तो वे बल्ले से जवाब देते थे। हालांकि, एक समय उनके जीवन में ऐसा भी आया, जब वे गुस्से में आ गए थे। इसका कारण राहुल द्रविड़ थे। द्रविड़ की वजह से तेंदुलकर दोहरा शतक नहीं पूरा कर सके थे।
सचिन तेंदुलकर नहीं लगा सके थे दोहरा शतक
भारतीय टीम 2004 में पाकिस्तान के दौरे पर थी। दोनों टीमों के बीच मुल्तान में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। ये वही मैच था, जहां पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने तिहरा शतक लगाया था। दूसरे दिन के खेल में सचिन तेंदुलकर भी दोहरे शतक पर थे। हालांकि, उस मुकाबले में टीम इंडिया की कप्तानी राहुल द्रविड़ के हाथों में थी। सौरव गांगुली चोट के कारण मुकाबला नहीं खेले थे। जब सचिन 194 रनों पर थे, तो द्रविड़ ने पारी घोषित कर दी और इससे हर कोई हैरान रह गया। इसको लेकर ड्रेसिंग रूम में कहासुनी भी हुई थी और तेंदुलकर ने भी अपना गुस्सा दिखाया था।
तेंदुलकर ने किया था खुलासा
तेंदुलकर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में इसके बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने अपनी किताब 'प्लेइंग इट माय बे' में लिखा, "पारी घोषित होने के बाद मैं सदमे में था और काफी निराश था। मैंने पूरा दिन बैटिंग की थी और इस वजह से कोच जॉन राइट से थोड़ी देर आराम करके फील्डिंग करने की अनुमति मांगी। उन्होंने इसके लिए हां कर दिया। इसके बाद जब मुंह धो रहा था, तो आए और माफी मांगी। उन्होंने बताया कि इसमें मेरा कोई हाथ नहीं था।"
सौरव गांगुली ने जताया अफसोस
उस मैच में चोट की वजह से नहीं खेल सके नियमित कप्तान सौरव गांगुली ने भी इसको लेकर अफसोस जताया था। तेंदुलकर ने अपनी किताब में लिखा, जॉन राइट के बाद सौरव मेरे पास आए। उन्होंने कहा कि जो हुआ उसको लेकर मुझे अफसोस है। पारी घोषित करना गलत था।
राहुल द्रविड़ ने भी की थी बात
पूर्व महान बल्लेबाज ने अपनी किताब के जरिए ये भी खुलासा किया कि अगली सुबह राहुल द्रविड़ भी उनसे मिलने आए थे। द्रविड़ ने इस फैसले को टीम हित से जोड़ा था। हालांकि, तेंदुलकर इससे सहमत नहीं हुए। उनका कहना था कि पारी घोषित करने का कोई तुक नहीं था क्योंकि मैच में काफी समय बचा हुआ था। द्रविड़ ने ये भी कहा था कि उन्हें आगे दोहरा शतक बनाने का बहुत बार मौका मिलेगा। हालांकि, तेंदुलकर का कहना था कि ऐसा नहीं होगा, उन्हें अब दोबारा जीरो से शुरू करना होगा।
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