IND vs JPN: अक्षर पटेल की वाइड गेंद का फैसला बदलना सही? ICC के नियम को आसानी से समझें; भारत उलटफेर से बचा
India vs Japan Historic T20: अक्षर पटेल की वाइड गेंद का फैसला बदलना अहम साबित हुआ, जिसकी मदद से भारत ...और पढ़ें

अक्षर पटेल की वाइड गेंद पर बवाल मचा (Pic Credit - X)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम ने मंगलवार को जापान को रोमांचकारी मुकाबले में 2 रन से मात दी, लेकिन इसमें अक्षर पटेल की गेंद पर जमकर बवाल मचा।
दरअसल, अक्षर पटेल ने पारी का आखिरी ओवर डाला, जिसकी तीसरी गेंद पर जमकर बवाल मचा। अक्षर पटेल की गेंद पर बल्लेबाज ने रिवर्स स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन वो चूक गए। अंपायर क्रिस थुरगेट ने पहले इसे वाइड करार दिया। मगर पटेल और कप्तान श्रेयस अय्यर की अपील के बाद अंपायर ने लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से सलाह-मशविरा करके अपना फैसला बदल दिया। इस तरह यह गेंद जायज मानी गई।
जापान की टीम पांच ओवर में 32 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन वो 30 रन पर रुक गई। अगर अंपायर अपना फैसला नहीं बदलते तो जापान के खाते में एक रन जुड़ जाता और अक्षर पटेल को अतिरिक्त गेंद भी डालनी पड़ती। चलिए जानते हैं कि जब बल्लेबाज रिवर्स स्वीप खेले तो वाइड का नियम क्या है और साथ ही बताएंगे कि अंपायर अपना फैसला बदल सकता है या नहीं।
आईसीसी का नियम क्या कहता है
खेल के नियम में ऐसा कही नहीं लिखा है कि बल्लेबाज अगर रिवर्स स्वीप या स्विच हिट खेलने का प्रयास करे तो वाइड गेंद मिलने का मौका गंवा देता है। ध्यान देने वाली बात है कि गेंद बल्लेबाज की पहुंच में है या नहीं। इसके लिए बल्लेबाज के मूवमेंट और उसकी असली जगह का ध्यान रखना होता है।
जब बल्लेबाज क्रीज में चहलकदमी करता है तो चीजें बदल जाती हैं। वाइड के कानून के अंतर्गत अगर बल्लेबाज गेंद को अपने पास से जाने देता है तो अंपायर वाइड गेंद नहीं दे सकता। अगर बल्लेबाज का मूवमेंट क्रिकेट स्ट्रोक की पहुंच के आस-पास है तो अंपायर वाइड का फैसला नहीं देगा।
IT WENT DOWN TO THE FINAL BALL! 🤯#TeamIndia hold their nerve to seal a thrilling 2-run win over Japan! 💪#JPNvIND #SuzukiCup pic.twitter.com/QpdnKjxl0I
— Star Sports (@StarSportsIndia) September 22, 2026
ऐसे में रिवर्स स्वीप शॉट उलझन पैदा कर देता है क्योंकि गेंद दिशा के मुताबिक बल्लेबाज के लेग साइड में जा रही होती है। अंपायर तब यह नहीं देखता कि गेंद कहां बल्लेबाज के पास से गुजरी। वो इस पर फैसला लेता है कि बल्लेबाज कितना अपनी जगह से हटा और ऐसे में गेंद और बल्ले के बीच कोई संपर्क होने के अवसर हैं।
भारतीय टीम ने इसी बात का ध्यान रखते हुए वाइड के फैसले को पलटने की अपील की। जापान के बल्लेबाज शिराई पाटमोरे ने रिवर्स स्वीप शॉट खेलने के प्रयास में अपनी जगह छोड़ी और गेंद और बल्ले में संपर्क होने की पूरी उम्मीद थी। यही वजह रही कि अंपायर ने लेग साइड में गेंद को जाने के बावजूद जायज ठहराया।
क्या अंपायर बदल सकता है फैसला
जी हां। आईसीसी की खेलने वाली परिस्थितियां अंपायर को अनुमति देती हैं कि वो अपने फैसले को सुधार सकते हैं। अगर किसी फैसले पर उलझन हो तो मैदानी अंपायर आपस में बात करके फैसला बदल सकते हैं। फैसला बदलने का पूरा हक अंपायर्स के पास है।
अक्षर पटेल और श्रेयस अय्यर केवल बल्लेबाज के मूवमेंट का ध्यान दिला सकते थे, लेकिन फैसला अंपायर पर ही निर्भर था। खिलाड़ियों को अंपायर से बहस करने की अनुमति भी नहीं है। अगर खिलाड़ी लगातार विरोध करें या फैसले पर आपत्ति जताए तो उसे सजा मिल सकती है क्योंकि वो अंपायर के फैसले का अपमान करने की श्रेणी में आएगा।
बहरहाल, अंपायर द्वारा गेंद को कानूनी ठहराने के कारण जापान ने एक रन गंवाया और एक अतिरिक्त गेंद गंवाई। मेजबान टीम ने 2 रन से मैच गंवा दिया।
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