नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस को बड़ा झटका लगा है। साकेत कोर्ट ने गिरफ्तार आरोपियों पर मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) लगाने की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए क्रिकेटर श्रीसंत, अंकित चव्हाण समेत 19 आरोपियों को जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीके खन्ना ने कहा कि पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही कि उन पर मकोका क्यों लगाया गया। आरोपियों को 50-50 हजार के निजी मुचलके और एक-एक जमानती लाने की शर्त पर जमानत दी गई है। सभी अपना पासपोर्ट अदालत के समक्ष जमा कराएंगे और बिना अनुमति के देश छोड़कर नहीं जाएंगे।

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अदालत ने सोमवार को 19 आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर मकोका लगाने के पक्ष में सुबूत व तर्क पेश करने में नाकाम रहा है। अदालत ने मामले में पुलिस द्वारा पेश सभी तथ्यों का बारीकी से अध्ययन किया है। पुलिस इस मामले में उचित सुबूत पेश नहीं कर पाती है तो इसे मकोका का दुरुपयोग करना माना जाएगा। अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की, जब दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे 18 जून तक मामले के संबंध में उचित ठोस सुबूत पेश करेंगे।

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अदालत में पुलिस ने कहा कि अंडरव‌र्ल्ड डॉन दाऊद, छोटा शकील और जावेद छुटानी लगातार फिक्सिंग मामले को लेकर बुकीज के संपर्क में थे। इनमें रमेश व्यास भी शामिल था। अदालत ने सुबूत मांगा तो पुलिस ने कहा कि उनके पास दाऊद और व्यास के बीच बातचीत की रिकार्डिग है। रिकार्डिग में दोनों के बीच सात मिलियन डॉलर (करीब चालीस करोड़ 70 लाख रुपये) में डील तय की गई है। अदालत ने पुलिस की इस दलील पर कहा कि इस रिकार्डिग में डील का जिक्र है, मगर यह डील किसलिए की गई है, इसका जिक्र नहीं है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि यह डील मैच में स्पॉट फिक्सिंग के लिए की गई थी। इसके बाद अदालत ने पुलिस से पूछा कि क्या श्रीसंत और अन्य क्रिकेटरों के खिलाफ दाऊद से मिले होने के ठोस सबूत हैं। इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनके पास श्रीसंत के दोस्त जीजू की बातचीत की रिकार्डिग है। इसमें वह श्रीसंत की ओर से रुपये लेने की बात करता हुआ पाया गया है। अदालत ने कहा कि इससे श्रीसंत पर सीधे आरोप साबित नहीं हो जाता। बता दें कि इस मामले में चंदीला समेत छह अन्य आरोपियों ने जमानत याचिका दायर नहीं की थी। इनकी पुलिस रिमांड 18 जून को खत्म हो रही है।

आज रिहा होंगे

श्रीसंत व चव्हाण को तिहाड़ जेल में टीवी पर अपनी जमानत की सूचना मिली। वे काफी खुश हुए। हालांकि उन्हें व अन्य 17 आरोपियों को सोमवार को रिहा नहीं किया जा सका। तिहाड़ के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि कोर्ट का आदेश जेल प्रशासन को नहीं मिल पाया है। इसलिए उन्हें रिहा नहीं किया गया। मंगलवार रात करीब आठ बजे तक उनकी रिहाई होगी।

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