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Exclusive: भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करेगा न्यूजीलैंड दौरा, रवि शास्त्री ने बताई टीम इंडिया की मुश्किलें

By Nitin NagarEdited By: Praveen Kumar Mishra
Published: Mon, 19 Oct 2026 07:00 AM (IST)

पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड दौरे को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अहम बताया है। उन्होंने भारतीय ...और पढ़ें

रवि शास्त्री

रवि शास्त्री

HighLights

  1. भुवनेश्वर कुमार का अनुभव न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में होगा बेहद उपयोगी

  2. न्यूजीलैंड दौरा भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करने वाला

  3. भारतीय बल्लेबाजों को वहां की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा

नितिन नागर, जगरण, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में सफल होने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को अपने खेल में जरूरी बदलाव करने होंगे। शास्त्री ने इस दौरे को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अहम बताते हुए कहा कि न्यूजीलैंड दौरे पर प्रदर्शन टीम की आगे की दिशा का संकेत देगा। शास्त्री से नितिन नागर ने विशेष बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश:--

सवाल: भारत ने चार साल बाद भुवनेश्वर कुमार को टी-20 टीम में वापस बुलाया है। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम में उनका अनुभव कितना उपयोगी होगा?

जवाब: अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। भुवनेश्वर ने आईपीएल में जिस तरह का प्रदर्शन किया है और भारतीय टीम के साथ उनका जितना अनुभव है, उसे देखते हुए वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श गेंदबाज होंगे। वास्तव में, वह किसी भी परिस्थिति में प्रभावी साबित हो सकते हैं।

सवाल: आजकल तीनों प्रारूपों में लगातार क्रिकेट खेला जा रहा है। ऐसे में न्यूजीलैंड के विरुद्ध दो टेस्ट मैचों की सीरीज कितनी महत्वपूर्ण होगी?

जवाब: टेस्ट सीरीज महत्वपूर्ण है, लेकिन अब वनडे और टी-20 पर भी काफी जोर दिया जा रहा है। न्यूजीलैंड का पूरा डेढ़ महीने का दौरा भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा बताने वाला होगा। वहां की परिस्थितियां दक्षिण अफ्रीका जैसी भी हो सकती हैं, इसलिए यह दौरा काफी अहम है।

सवाल: न्यूजीलैंड के विरुद्ध दो टेस्ट मैच भारत की डब्ल्यूटीसी फाइनल की उम्मीदों के लिए निर्णायक हो सकते हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय टीम की संभावनाओं को आप कैसे देखते हैं?

जवाब: भारत के लिए यह आसान नहीं होगा। अंक तालिका में उसकी स्थिति और दक्षिण अफ्रीका में ऑस्ट्रेलिया की जीत को देखते हुए न्यूजीलैंड के विरुद्ध सीरीज भारत के मुकाबले मेजबान टीम के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में से दो टीमों के फाइनल में पहुंचने की संभावना दिखती है। भारत के लिए राह मुश्किल है। उसे न्यूजीलैंड में बचे दोनों टेस्ट जीतने होंगे और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पांच में से कम से कम चार टेस्ट जीतने होंगे। यह असंभव नहीं है, लेकिन दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।

सवाल: न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए भारतीय टीम को किन बातों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

जवाब: टेस्ट टीम का जल्दी पहुंचना और कुछ मैच खेलना अच्छा फैसला है। न्यूजीलैंड में सर्दियों के बाद क्रिकेट शुरू हो रहा होगा और पिचें ताजा होंगी। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर न्यूजीलैंड ऐसी पिचें तैयार करे जो उसके तेज गेंदबाजों के अनुकूल हों। वहां मौसम तेज हवा वाला हो सकता है और गेंद स्विंग के साथ सीम भी करेगी। भारतीय बल्लेबाजों को इन परिस्थितियों के अनुरूप जल्दी ढलना होगा। मैं 2019 में कोच के रूप में न्यूजीलैंड गया था। उस समय हमने ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन किया था और न्यूजीलैंड में भी हमारा दौरा शानदार रहा था। लेकिन न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज जीतना हमेशा मुश्किल होता है। भारतीय खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों को जल्दी समझना होगा।

सवाल: न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों की भूमिका कितनी अहम होगी?

जवाब: न्यूजीलैंड में इतने बड़े स्कोर देखने को नहीं मिलेंगे, क्योंकि वहां गेंद स्विंग और सीम करती है। भारतीय बल्लेबाजों और मध्यक्रम की परीक्षा होगी। भारत में सपाट पिचों पर लंबी साझेदारियां बन सकती हैं, लेकिन न्यूजीलैंड में मध्य ओवरों में भी विकेट मिल सकते हैं। साझेदारियां बहुत महत्वपूर्ण होंगी। खासकर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत मिलने पर उसे बड़ी पारी में बदलना होगा। गेंदबाजों के लिए भी यह अपनी छाप छोड़ने का अच्छा मौका है। मैं इस दौरे को लेकर काफी उत्साहित हूं, क्योंकि विदेशी परिस्थितियां खिलाड़ियों की असली परीक्षा लेती हैं।

सवाल: तीनों प्रारूपों में सफल बदलाव के लिए टीम की तैयारी किस तरह होनी चाहिए?

जवाब: टेस्ट टीम के खिलाड़ी पहले पहुंच रहे हैं, जिनमें से कई वनडे और टी-20 टीमों का भी हिस्सा होंगे। इससे उन्हें परिस्थितियों के अनुकूल ढलने में मदद मिलेगी। जो खिलाड़ी केवल टेस्ट टीम में हैं, उन्हें चार दिवसीय मैचों का पूरा फायदा उठाना चाहिए और नेट्स में समय बिताना चाहिए। न्यूजीलैंड में भारत की तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते। गेंद को देर से खेलना होगा, शरीर के करीब रहना होगा और कई गेंदों को छोड़ना भी सीखना होगा। यह मानसिकता पहले से बनानी होगी।

भारत और न्यूजीलैंड सीरीज का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।

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