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Exclusive: विश्व कप 2027 से लेकर वर्कलोड मैनेजमेंट तक, चोट के बाद वापसी करने वाले आकाश दीप ने खोले कई राज

By Abhishek TripathiEdited By: Praveen Kumar Mishra
Published: Mon, 05 Oct 2026 06:00 AM (IST)

तेज गेंदबाज आकाश दीप ने चोट से वापसी के बाद वर्कलोड मैनेजमेंट और 2027 वनडे विश्व कप के लिए सफेद ...और पढ़ें

आकाश दीप

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अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, नई दिल्ली। ईरानी कप मुकाबले में छह विकेट लेकर शेष भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज आकाश दीप ने कहा कि अब उनका ध्यान वर्कलोड मैनेजमेंट पर है ताकि वह चोट मुक्त रह सकें। साथ ही वह अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए सफेद गेंद के क्रिकेट पर भी ध्यान दे रहे हैं। आकाश दीप से अभिषेक त्रिपाठी ने विशेष बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश:-

सवाल: करीब सात महीने से आप क्रिकेट से दूर थे। इस दौरान शरीर, वर्कलोड और आसपास के माहौल को लेकर आपने क्या सीखा?-

जवाब: शुरुआत में यह मेरे लिए थोड़ा निराशाजनक था। मैंने काफी मेहनत की थी और अचानक चोट के कारण बाहर हो गया। इस दौरान कई टूर्नामेंट भी निकल गए, लेकिन आराम के दौरान मुझे महसूस हुआ कि मैं करीब 10 साल से पेशेवर क्रिकेट खेल रहा हूं और इससे पहले कभी इतनी लंबी चोट नहीं लगी। शायद मेरे शरीर को आराम की जरूरत थी। मैंने सोचा कि अगर इस दौरान खुद पर काम करूं और शरीर को शारीरिक रूप से मजबूत बनाऊं, तो मेरा करियर ज्यादा लंबे समय तक चल सकता है।

सवाल: आपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में वीवीएस लक्ष्मण के साथ काफी काम किया है। टेस्ट और लंबे स्पेल के लिए आप अपने शरीर को कितना तैयार मानते हैं?

जवाब: मैंने सीओई में अपना वर्कलोड बढ़ाते हुए एक सप्ताह में करीब 35 ओवर तक गेंदबाजी की है। गेंदों की संख्या को लेकर मुझे कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन मैच की लय अलग होती है। आप नेट्स या अभ्यास मैच में कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन असली मैच का रिदम अलग होता है। फिर भी मुझे लगता है कि मैंने सीओई में पर्याप्त गेंदबाजी की है और मेरा शरीर इसके लिए तैयार है।

सवाल: ईरानी कप चोट के बाद आपका पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था। इस मैच में आपकी प्राथमिकता क्या थी?

जवाब: लंबे समय बाद मैच खेलने को लेकर काफी उत्साहित था, लेकिन मैंने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखा। मैंने उन्हीं बुनियादी चीजों पर ध्यान दिया, जिन पर इतने वर्षों से काम करता आया हूं।

सवाल: न्यूजीलैंड में दो टेस्ट की सीरीज आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण है?

जवाब: अब रणजी ट्रॉफी सत्र शुरू होगा। मुझे लगता है कि शुरुआती दो-तीन मैचों में खुद को साबित करना होगा और अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अगर कोई मुझ पर भरोसा कर रहा है तो मुझे भी अपने प्रदर्शन से उस भरोसे को सही साबित करना होगा। मैं तो न्यूजीलैंड दौरे पर जाना चाहता हूं लेकिन सबकुछ चयनकर्ताओं पर निर्भर करेगा। अगर मुझे चुना जाता है तो मैं बेहतर करने की कोशिश करूंगा। अभी जितना समय है मेरे पास तब तक मैं उसको लेकर खुद को तैयार करूंगा।

सवाल: आपने इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन किया था। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां आपके लिए कितनी अच्छी हो सकती हैं?

जवाब: मैंने न्यूजीलैंड में कभी क्रिकेट नहीं खेला है। जितना सुना और देखा है, उसके मुताबिक वहां की परिस्थितियां ऑस्ट्रेलिया से कुछ मिलती जुलती हैं। इसलिए मुझे अपनी ताकत पर भरोसा रखना होगा। सबसे महत्वपूर्ण होगा कि मैं कितना सटीक रह सकता हूं, कितनी जल्दी अपनी लेंथ में बदलाव कर सकता हूं और विकेट को कितनी जल्दी पढ़ सकता हूं।

सवाल: तेज गेंदबाजों को लगातार चोटें लग रही हैं। आपको क्या लगता है कि इसकी वजह क्या है?

जवाब: चोट किसी को भी हो सकती है। कई बार यह दुर्भाग्य भी होता है। ऐसी चीजें हमेशा आपके नियंत्रण में नहीं होतीं। अगर चोट गंभीर है तो उसका असर पड़ता है, लेकिन हर चोट को एक ही कारण से नहीं जोड़ा जा सकता।

सवाल: भारतीय टीम में तेज गेंदबाजी के लिए काफी प्रतिस्पर्धा है। क्या यह बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है?

जवाब: मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। मेरा फोकस खुद को बेहतर बनाने पर है। मैं अपनी परफॉर्मेंस और स्किल्स में कितना सुधार कर सकता हूं, यही सोचता हूं। जब मैंने शुरुआत की थी, तब भी मेरा ध्यान इसी पर था और आज भी यही है। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मेरे सामने कौन प्रतिस्पर्धा में है।

सवाल: इंग्लैंड में आपके शानदार प्रदर्शन ने आपको अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज के रूप में क्या सिखाया?

जवाब: जब आप भारत की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरते हैं तो वहीं से सबसे बड़ा आत्मविश्वास आता है। मेरा फोकस इस बात पर रहता है कि मैं अपनी बुनियादी चीजों को कितनी देर तक अच्छी तरह कर सकता हूं। बल्लेबाज कितना आक्रामक है या उसकी शैली कैसी है, मैं उससे ज्यादा प्रभावित नहीं होता। मैं अपनी ताकत के मुताबिक लगातार गेंदबाजी करने पर ध्यान देता हूं।

सवाल: आप खुद को लाल या सफेद गेंद में किस गेंदबाज के रूप में देखते हैं?

जवाब: मैंने महसूस किया है कि पिछले आठ-दस साल में मुझे सफेद गेंद के क्रिकेट की तैयारी के लिए उतना समय नहीं मिला। पिछले चार-पांच साल से लगातार लंबे घरेलू टूर्नामेंट और फिर भारत के लिए खेलने का सिलसिला रहा। कई बार 10-12 रणजी मैच खेलने के बाद शरीर और दिमाग को आराम की जरूरत होती है। ऐसे में सफेद गेंद के क्रिकेट के लिए अलग से 10 दिन तैयारी करना मुश्किल होता था। लेकिन अब मैं सफेद गेंद के क्रिकेट में काफी सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं और मुझे लगता है कि इसमें मैंने काफी प्रगति भी की है।

सवाल: अगर चयनकर्ता आपसे पूछें कि आप विश्व कप की योजना में हैं, तो तब तक अपने खेल में क्या बदलाव करना चाहेंगे?

जवाब: मेरा पहला फोकस व्हाइट बाल क्रिकेट को बेहतर करना है। मुझे अपनी टीम के लिए रन भी बनाने हैं और गेंद से महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। मैं गेम को पढ़ने, पिच के अनुसार खुद को ढालने और बल्लेबाज के हिसाब से अपनी गेंदबाजी में बदलाव करने पर काम करूंगा। यही चीजें आगे मेरे खेल को बेहतर बनाएंगी। मैं अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे रहा हूं। आठ- नौ नंबर पर उतरने वाले खिलाड़ी से रन की भी उम्मीद की जाती है।

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