मेलबर्न। चार मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ने और तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहने से भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया के हाथों बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवा चुका है लेकिन टीम निदेशक रवि शास्त्री स्कोर लाइन को लेकर परेशान नहीं हैं और उन्हें अब भी अपनी युवा टीम पर विश्वास है।

शास्त्री ने कहा कि हमारी टीम ने जिस तरह का खेल दिखाया उसके कारण मैं स्कोर लाइन से परेशान नहीं हूं। मैंने पूर्व की टीमें भी देखी हैं जहां हम दवाब में बिखर जाते हैं और यहां हमने विरोधी टीम को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इस टीम की औसत आयु 26 साल है। यह कोई बहाना नहीं है लेकिन इस टीम को 12 महीने दीजिए और फिर आप देखेंगे कि यह कितनी खतरनाक टीम है। वे कहीं भी खेलने के लिए तैयार रहेंगे। भारतीय टीम एडिलेड में पहला मैच 48 रन से जबकि ब्रिस्बेन में दूसरा मैच चार विकेट से हार गई थी। इसके बाद उन्होंने एमसीजी पर ऑस्ट्रेलिया को कड़ी चुनौती दी और मैच ड्रॉ करवाया।

शास्त्री ने कहा कि कुछ विभाग हैं जिन पर काम करने की जरूरत है। जैसे कि पुछल्ले बल्लेबाजों से अच्छी बल्लेबाजी। आप कैसे दवाब से पार पाते हैं। बल्लेबाजी का पतन कैसे रोका जाए। आप अपनी गलतियों से कैसे पार पाओगे और उन्हें नहीं दोहराओगे। इन पर काम करने की जरूरत है। यह एमसीजी पर पिछले दस वर्षों में पहला ड्रॉ है। लेकिन जब आपके स्कोरबोर्ड पर 530 रन का स्कोर हो और फिर जिस तरह की बल्लेबाजी मैंने तीसरे दिन देखी वैसी मैंने लंबे समय से नहीं देखी थी। मुझे लगता है कि पूरा ऑस्ट्रेलिया ने इस बात को सराहा है कि किस तरह से दो युवा खिलाड़ियों ने विरोधी आक्रमण की धज्जियां उड़ाईं।

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Edited By: sanjay savern