नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान सट्टेबाजी और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने ले लिए ब्रिटेन स्थित कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है। यह अपनी धोखाधड़ी जांच प्रणाली (एफडीएस) के जरिये सेवाएं देगी। इस बार का टूर्नामेंट 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच यूएई में खेला

आइपीएल का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा और ऐसे में अजित सिंह की अगुआई वाली बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी क्योंकि कुछ राज्यस्तरीय लीग के दौरान सट्टेबाजी से जुड़ी धोखाधड़ी बढ़ी है और इस लुभावनी प्रतियोगिता के दौरान इसके बढ़ने की संभावना है।

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आइपीएल के एक सूत्र ने कहा, 'हां, बीसीसीआइ ने इस साल के आइपीएल के लिए स्पोर्टरडार के साथ करार किया है। वे एसीयू के साथ मिलकर काम करेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। स्पोर्टरडार ने हाल में गोवा फुटबॉल लीग के आधा दर्जन मैचों को संदेह के घेरे में रखा था। वे फीफा (विश्व फुटबॉल संस्था), यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल की संस्था) और विश्व भर की विभिन्न लीग के साथ काम कर चुके हैं।'

बीसीसीआइ एसीयू ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) सहित राज्यस्तरीय टी-20 लीग के दौरान सट्टेबाजी के अलग तरह के नमूनों का पता लगाया था। अलग तरह के दांव लगाए जाने के कारण एक प्रमुख सट्टा कंपनी ने दांव लगवाना बंद कर दिया था।

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स्पोर्टरडार के अनुसार, एफडीएस एक विशिष्ट सेवा है, जो खेलों में सट्टेबाजी से संबंधित हेराफेरी का पता लगाती है। यह इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि एफडीएस के पास मैच फिक्सिंग के उद्देश्य से लगाए जाने वाली बोलियों को समझने के लिए उपयुक्त प्रणाली है।

 

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