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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh News: सभी नक्सली बुरे नहीं होते, सांसद रंजीत रंजन के बयान पर सियासी घमासान

By Jagran NewsEdited By: Sachin Kumar Mishra
Published: Fri, 11 Nov 2022 07:13 PM (IST)Updated: Fri, 11 Nov 2022 09:20 PM (IST)

Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने कहा कि सभी नक्सली बुरे नहीं होते। वहीं रंजीत के बयान ...और पढ़ें

सांसद रंजीत बोलीं-सभी नक्सली नहीं होते बुरे, भाजपा ने कहा, कांग्रेस व नक्सलियों के बीच साठगांठ। फाइल फोटो
सांसद रंजीत बोलीं-सभी नक्सली नहीं होते बुरे, भाजपा ने कहा, कांग्रेस व नक्सलियों के बीच साठगांठ। फाइल फोटो

रायपुर, जेएनएन। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नक्सली (Naxalite) अच्छे हैं या बुरे। इस पर राजनीति गरमा गई है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन (Ranjit Ranjan) ने कहा कि सभी नक्सली बुरे नहीं होते। वहीं, रंजीत के बयान पर भाजपा (BJP) ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और नक्सलियों के बीच साठगांठ है। आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस (Congress) नेत्री ने यह बयान दिया है।

राज बब्बर ने नक्सलियों को कहा था भटके हुए साथी 

पिछले विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस नेता राज बब्बर ने नक्सलियों को भटके हुए साथी कहा था।

दिग्विजय सिंह ने बोले थे नक्सलियों के लिए सहानुभूति के शब्द 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी नक्सलियों के लिए सहानुभूति के शब्द बोले थे। 

रंजीत के बयान पर बवाल पर इसलिए मचा घमासान 

पिछले विधानसभा चुनाव में नक्सल प्रभावित बस्तर की 12 विधानसभा सीटों में से 11 पर कांग्रेस को जीत मिली थी। दंतेवाड़ा में उपचुनाव जीतने के बाद कांग्रेस के पास वहां की सभी 12 सीटें हो गई हैं। दिसंबर में भानुप्रतापपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव और एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए रंजीत के बयान को लेकर घमासान मचा हुआ है।

भाजपा ने कहा, माफी मांगे कांग्रेस

भाजपा ने इंटरनेट मीडिया पर भी रंजीत के बयान को लेकर जमकर निशाना साधा। छत्तीसगढ़ भाजपा के आधिकारिक ट्वीटर से ट्वीट किया कि नक्सलवाद का समय-समय पर समर्थन करने वाले कांग्रेसियों का देश विरोधी चेहरा आखिर सामने आ ही जाता है। रंजीत रंजन नक्सलियों को सही-गलत बताकर नक्सलवाद का समर्थन क्यों कर रही हैं। देश की जनता के सामने कांग्रेस यह स्पष्ट करे और माफी मांगे।

कांग्रेस और नक्सलियों के बीच गठजोड़ः कौशिक

वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि क्या आने वाले चुनाव में कांग्रेसी नक्सलियों को नाराज नहीं करना चाहते। क्या नक्सलियों का कांग्रेस के साथ गठबंधन हो गया है। कौशिक ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में नक्सली उत्पात हो रहा है, सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना रही है, ऐसे में संभव है कि कांग्रेस और नक्सलियों के बीच गठजोड़ हो गया है।

जानें, क्या कहा था रंजीत ने

राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने कहा था कि नक्सली भी इंसान हैं, हम भी इंसान हैं, फिर डर कैसा। निश्चित तौर से डर, भय उनको होता है, जिन्होंने गलत काम किया है। बहुत से लोग उनके नाम से दुकानें चला रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद शांत हो चुका है। जो लोग यह फैला रहे हैं, वह नहीं चाहते कि शांति बहाल हो। हम लोग उनमें से हैं, जो चाहते हैं कि शांति बहाल हो।

छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों में आई कमी

छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्षो में लगभग 15 सौ नक्सलियों ने आत्मसपर्मण किया। एंटी नक्सल आपरेशन सेल के अनुसार, वर्ष 2022 में 191 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस और नक्सलियों के बीच 46 मुठभेड़ हुई, जिसमें 20 नक्सली मारे गए। इस वर्ष 288 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

नक्सल प्रभावित बस्तर का चुनावी समीकरण

नक्सल प्रभावित बस्तर में 12 विधानसभा और दो लोकसभा सीट हैं। वर्तमान में सभी 12 विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक हैं। वहीं, बस्तर लोकसभा में कांग्रेस सांसद दीपक बैज हैं और कांकेर लोकसभा से भाजपा सांसद मोहन मंडावी हैं। कांकेर लोकसभा सीट में बस्तर संभाग की चार विधानसभा सीट आती है। बस्तर के सभी नगर निगमों में महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस के हैं।

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