छत्तीसगढ़: बिना लाइसेंस बाइक चलाने का खामियाजा, बेटे को पांच व पिता को 3 महीने की सजा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बिना लाइसेंस बाइक चलाने से हुए हादसे में बेटे को पांच साल का सश्रम कारावास हुआ है।
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तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
HighLights
बिना लाइसेंस बाइक चलाने पर बेटे को 5 साल की सजा।
पिता को बेटे को अनुमति देने पर 3 महीने का कारावास।
दुर्ग कोर्ट ने मोटरयान अधिनियम के तहत सुनाया फैसला।
डिजिटल डेस्क, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बिना ड्राइविंग लाइसेंस एक युवक बाइक चला रहा था। बाइक सवार ने विपरीत दिशा से आ रही एक्टिवा को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में एक्टिवा सवार युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में दुर्ग की सत्र अदालत ने बेटे के साथ पिता को भी दोषी ठहराया है।
जहां 19 वर्षीय आरोपित मोहित कुमार बघेल को पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, बिना लाइसेंस बेटे को बाइक चलाने की अनुमति देने पर उसके पिता मोहन लाल को तीन महीने की सजा दी गई। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
कब की है घटना?
घटना चार अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र के कोहका स्थित इंदु आइटी स्कूल के पास हुई थी। अभियोजन के अनुसार, मोहित तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहा था। बाइक विपरीत दिशा में जाकर सामने से आ रही एक्टिवा से टकरा गई।
हादसे में एक्टिवा सवार शादान अली की मौत हो गई। उसका साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के समय आरोपित की उम्र 18 साल थी। जांच में सामने आया कि मोहित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अभियोजन ने साबित किया कि उसके पिता ने बिना लाइसेंस उसे बाइक दी थी।
इस कारण हुई पिता को सजा
मोटरयान अधिनियम की धारा पांच के अनुसार, वाहन मालिक अपनी गाड़ी किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं दे सकता जिसके पास उस श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो। इस अपराध के लिए वाहन मालिक को ₹5,000 तक का जुर्माना और तीन महीने तक की सजा हो सकती है। यह फैसला अभिभावकों को बच्चों को वैध लाइसेंस मिलने से पहले वाहन न सौंपने की जिम्मेदारी का संदेश देता है।
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