छत्तीसगढ़ में वनांचल के 61 मतांतरितों ने की सनातन में वापसी, चरण पखारकर हुआ स्वागत
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 10 गांवों के 61 मतांतरितों ने सनातन धर्म में वापसी की। विधायक भावना बोहरा ने चरण पखारकर उनका स्वागत किया।

ईसाई बने लोगों ने सनातन में की वापसी।
HighLights
कवर्धा में 61 मतांतरितों ने सनातन धर्म में वापसी की।
विधायक भावना बोहरा ने चरण पखारकर उनका स्वागत किया।
चिकित्सा विस्तार और पारंपरिक आस्था के कारण वापसी का निर्णय।
डिजिटल डेस्क, कवर्धा। बीमारी से छुटकारा मिलने की आस और प्रार्थना से सभी रोग ठीक हो जाने जैसे झांसे में आकर ईसाई बने 10 गांवों के 61 मतांतरितों ने सनातन में वापसी कर ली।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सोमवार को आयोजित संस्कृति गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में विधायक भावना बोहरा ने आदिवासी-बैगा समाज के प्रमुखों की उपस्थिति में इन ग्रामीणों का चरण पखारकर स्वागत किया।
क्यों लिया वापसी का निर्णय
सनातन में लौटे ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग प्रार्थना से सभी बीमारियां समाप्त हो जाने जैसी बातों से प्रभावित होकर ईसाई बन गए थे। वनांचल क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और लगातार समझाने के बाद मतांतरित लोगों ने अपनी पारंपरिक आस्था की ओर लौटने का निर्णय लिया।
आयोजकों के अनुसार, पिछले तीन महीनों से आदिवासी, बैगा और सर्व समाज के प्रमुख अलग-अलग वनांचल गांवों में बैठकें कर रहे थे। इन बैठकों में पूर्वजों की परंपराओं, पूजा पद्धति, देवी-देवताओं, रीति-रिवाजों और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा की गई। इसी क्रम में 10 गांवों के 61 लोगों ने अपनी मूल धार्मिक आस्था में लौटने का निर्णय लिया।