नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। हर रोज करोड़ों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली इंडियन रेलवे से जुड़े काफी सारे ऐसे नियम भी हैं जो अभी तक आम लोगों की जानकारी में नहीं हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप रेलवे से लंबे सफर (500 किलोमीटर से ज्यादा) पर निकले हैं तो आप अपनी यात्रा के दौरान एक निश्चित अवधि बीतने पर ट्रेन भी बदल सकते हैं। इसे रेलवे की ब्रेक जर्नी (यात्रा विराम) फैसिलिटी कहा जाता है। यानी अगर आप अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले अपने रूट पर कहीं रुकना चाहते हैं तो रेलवे आपको यह सुविधा देता है। यह जानकारी इंडियन रेलवे के पोर्टल पर उपलब्ध है। दिलचस्प बात यह है कि आपको इसके लिए अपना टिकट भी बदलने की जरूरत नहीं होगी।

इंडियन रेलवे के पोर्टल (indianrail.gov.in) के मुताबिक, रेल यात्रियों को 500 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए एक ही टिकट पर किसी भी स्टेशन पर दो दिनों की यात्रा के दौरान अपनी ट्रेन बदलने की अनुमति होती है। हालांकि यात्रियों को ट्रेन बदलने की अनुमति उसी सूरत में होती है जब वो 500 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा (यात्रा शुरु होने वाले स्टेशन से) कर चुके हों।

इंडियन रेलवे के मुताबिक अगर आपकी यात्रा की दूरी 1000 किलोमीटर से ज्यादा की है तो आप अपनी यात्रा के दौरान दो बार ट्रेन (एक ही टिकट पर) बदल सकते हैं। यात्रा के पहले ब्रेक (ट्रेन बदलने) के लिए योग्य दिनों की संख्या की गणना करते समय यात्रा के प्रस्थान और आगमन वाले दिनों को शामिल नहीं किया जाता है। साथ ही जिस स्टेशन पर आप अपनी ट्रेन बदलना चाहते हैं वहां के स्टेशन मैनेजर/ टिकट कलेक्टर की ओर से आपका टिकट एंडोर्स किया जाना चाहिए।

अगर आप अपनी लंबी रेल यात्रा के दौरान ट्रेन बदलना चाहते हैं तो आपको ये नियम मालूम होने चाहिए...

  • यह सुविधा छोटे स्टेशन और जहां से आरक्षण किया गया है की अनुमति नहीं देता है और राजधानी, शताब्दी एवं जनशताब्दी जैसी ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • यात्रा के दौरान ट्रेन बदलने की इच्छा टिकट बुकिंग के दौरान व्यक्त की जानी चाहिए, न कि रिजर्वेशन पा जाने के बाद। अगर कोई यात्री टिकट पर रिजर्वेशन चाह रहा है और उस पर ब्रेक जर्नी एन-रुट सुविधा की मांग करता है तो इसका उल्लेख बाकायदा आवेदन फॉर्म में किया जाना चाहिए। Indianrail.gov.in के अनुसार, इस मामले में आरक्षण केवल यात्रा स्टेशन बदलने के लिए किया जाता है।
  • अगर कोई यात्री कनेक्टिंग ट्रेन को पकड़ने के लिए रूट पर पड़ने वाले स्टेशन पर गाड़ी से उतर जाता है तो इसे यात्रा विराम नहीं समझा जाना चाहिए बशर्ते ठहराव 24 घंटे से कम हो। उदाहरण के लिए अगर कोई यात्री दादर के रास्ते पुणे से जम्मूतवी के टिकट पर दिन की किसी गाड़ी से पुणे से मुंबई तक की यात्रा करता है और अगली सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर प्रस्थान करने वाली मुंबई-जम्मूतवी एक्सप्रेस पकड़ना चाहता है तो इसे यात्रा विराम नहीं समझा जाएगा।
  • राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस जैसी कुछ प्रीमियम ट्रेनों जिनका किराया (यात्रा किराया ढांचा) स्टेशन से स्टेशन तक का बनता है के टिकिटों पर यात्रा विराम की अनुमति नहीं मिलती है।
  • यात्रियों की ओर से अपने टिकट को एंडोर्समेंट करवाना आवश्यक है। एंडोर्समेंट में स्टेशन कोड, स्टेशन मास्टर के हस्ताक्षर और तारीख आदि का जिक्र होता है। पूर्व से तय एंडोर्समेंट प्राप्त किए बिना यात्रा विराम करने वाले यात्रियों को टिकट के बिना यात्रा करने वाला समझा जाएगा और उनके साथ उसी प्रकार का बर्ताव किया जाएगा।

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By Praveen Dwivedi