वारी एनर्जीज का शेयर 6% से ज्यादा लुढ़का, मार्जिन घटने से डगमगाया निवेशकों का भरोसा; इनपुट कॉस्ट में हुई बढ़त
गुरुवार को Waaree Energies के शेयर 6% से अधिक गिरे, क्योंकि निवेशकों ने Q1 FY2026-27 में कंपनी के मार्जिन में ...और पढ़ें

औंधे मुंह गिरा वारी एनर्जीज का शेयर
HighLights
वारी एनर्जीज के शेयर में 6% से अधिक की गिरावट
Q1 में मार्जिन घटने से निवेशकों का भरोसा डगमगाया
बढ़ती इनपुट लागतों ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाला
नई दिल्ली। गुरुवार 30 जुलाई को मार्केट खुलने के बाद Waaree Energies के शेयर में 6% से ज्यादा की गिरावट आई। माना जा रहा है कि निवेशकों ने कंपनी की कमाई में कुल मिलाकर अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी के मार्जिन में आई कमी पर ध्यान दिया। NSE के डेटा के अनुसार, गुरुवार को Waaree Energies का शेयर 6.4% गिरकर ₹2,561 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन ये ₹2,736.20 पर बंद हुआ था।
क्यों डगमगाया निवेशकों का भरोसा?
30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में निचले स्तर को छूने के बाद, कंपनी का शेयर 5.4% गिरकर ₹2,589.60 के भाव पर ट्रेड कर रहा था। कंपनी ने 29 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद अपनी पहली तिमाही (Q1) की कमाई की रिपोर्ट जारी की थी।
गुरुवार को मार्केट खुलने के बाद Waaree Energies के शेयरों में भारी गिरावट आई, क्योंकि जून तिमाही में बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन कम हो गया, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। आंकड़ों से यह भी पता चला कि कंपनी की इनपुट मटीरियल की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे समीक्षा की अवधि के दौरान सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ा।
प्रॉफिट के साथ इनपुट लागत बढ़ी
कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट के अनुसार, वारी एनर्जीज की इस्तेमाल की गयी सामग्री की लागत (इनपुट लागत) में अप्रैल-जून 2026-27 तिमाही में 63.5% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹4,843.93 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹2,962.43 करोड़ थी।
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ा और ₹850 करोड़ रहा। यह बढ़ोतरी US सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद हुई जिसमें ट्रंप टैरिफ को गैर-कानूनी घोषित किया गया था। इसके तहत कंपनी ने IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट) के तहत लगाए गए टैरिफ के तहत वसूली गई रेसिप्रोकल ड्यूटीज़ की वापसी से जुड़ी इनकम को शामिल किया।
कितना बढ़ा रेवेन्यू?
वारी एनर्जीज के सोलर PV और EPC बिजनेस में जबरदस्त ग्रोथ की वजह से, तिमाही के दौरान ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 79% बढ़कर ₹7,932 करोड़ हो गया। सोलर PV ऑपरेशन से रेवेन्यू में 91% की बढ़ोतरी हुई, जबकि EPC कॉन्ट्रैक्ट रेवेन्यू में तिमाही के दौरान 55% की ग्रोथ हुई। हालांकि, बिजली उत्पादन से होने वाले रेवेन्यू में 9% की गिरावट आई।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
