डिमर्जर के बाद वेदांता का पहला धमाका! कंपनी ने किया डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट का एलान, शेयरों में आई जबरदस्त तेजी
Anil Agarwal Vedanta Annoucement: अनिल अग्रवाल की वेदांता ने डिमर्जर के बाद अपने पहले अंतरिम डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 14 ...और पढ़ें

डिमर्जर के बाद वेदांता का पहला धमाका! कंपनी ने किया डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट का एलान, शेयरों में आई जबरदस्त तेजी
HighLights
वेदांता ने डिमर्जर के बाद पहले अंतरिम डिविडेंड का एलान किया।
डिविडेंड के लिए 14 अक्टूबर की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
इस खबर से कंपनी के शेयरों में 3% की शानदार तेजी आई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल की वेदांता (Anil Agarwal Vedanta) ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी। कंपनी के शेयरों में लगभग 3% की शानदार तेजी देखी गई और इस उछाल का कारण डिमर्जर बताया जा रहा है। कंपनी ने बंटवारे के बाद पहले अंतरिम डिविडेंड (Vedanta Dividend) के रिकॉर्ड डेट का एलान किया है। आइए समझते हैं कि वेदांता के निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है और आने वाले समय में बाजार में क्या हलचल देखने को मिल सकती है।
क्या तय हुई है तारीख?
वेदांता की मैनेजमेंट टीम ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए अपने पहले अंतरिम डिविडेंड को लेकर एलान किया। कंपनी ने 14 अक्टूबर को इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय किया है। हालांकि इस पर फाइनल एलान 8 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में होगा।
यहां ध्यान देने वाली बात ये हैं कि वेदांता के पांच अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में बंटवारे के बाद ये पहला डिविडेंड होगा। यही वजह है कि शेयर बाजार और निवेशकों की नजरें इस पर बेसब्री से टिकी हुई हैं। जैसे ही कंपनी ने डिविडेंड के बारे में खबर दी, वैसे ही निवेशकों ने शेयरों में खरीदारी बढ़ाई और स्टॉक में 3 फीसदी का उछाल देखने को मिला।
डिमर्जर के बाद कैसे बदलेगा डिविडेंड का गणित?
मार्केट एक्सपर्ट्स और फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का मानना है कि वेदांता की तरफ से निवेशकों को बंपर डिविडेंड देने की पुरानी परंपरा आगे भी जारी रह सकती है, लेकिन इसके तौर-तरीकों में थोड़ा बदलाव आ सकता है। क्योंकि अब वेदांता का कारोबार पांच अलग-अलग कंपनियों में बंट चुका है, इसलिए हर कंपनी का मुनाफा और कैश फ्लो भी अलग-अलग होगा।
वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में इन अलग हुई इकाइयों से मिलने वाला डिविडेंड सीधे तौर पर ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों (जैसे मेटल, ऑयल और गैस के दाम) पर निर्भर करेगा। पहले वेदांता एक संयुक्त इकाई के रूर में भारी-भरकम डिविडेंड देती थी। लेकिन अब डिमर्जर के बाद, अलग-अलग बिजनेस की अपनी अलग जरूरतें और साइकिल्स होंगी, जिसके चलते भविष्य में डिविडेंड की रकम में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर आप भी वेदांता के निवेशक हैं, तो आपके लिए इस खबर कई मतलब हो सकते है। वहीं अगर आप इस अंतरिम डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके डिमैट अकाउंट में तय रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर होने चाहिए, ताकि कंपनी के रिकॉर्ड में आपका दर्ज हो सके और आपको कंपनी की ओर से मिलने वाले डिविडेंड का फायदा मिल सके।
कितनी कंपनियों में हुआ था वेदांता का डिमर्जर?
पहले ये कंपनी वेदांता लिमिटेड का नाम से जानी जाती थी। इसके बाद इसे 5 कंपनियों में बांट दिया गया था:
- वेदांता लिमिटेड (मूल/बची हुई कंपनी, जिसमें हिंदुस्तान जिंक आदि शामिल हैं)
- वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (एल्युमीनियम व्यवसाय)
- वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (ऑयल और गैस व्यवसाय)
- वेदांता पावर लिमिटेड (पावर व्यवसाय)
- वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (आयरन ओर और स्टील व्यवसाय)
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
