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Stock Market Closed: सपाट बंद हुआ मार्केट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण गंवाई बढ़त; रियल्टी-फार्मा में दिखी खरीदारी

Published: Tue, 27 Oct 2026 03:38 PM (IST)

भारतीय इक्विटी सूचकांक 27 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी ...और पढ़ें

सपाट बंद हुआ मार्केट

सपाट बंद हुआ मार्केट

HighLights

  1. भारतीय इक्विटी सूचकांक 27 अक्टूबर को मामूली गिरावट के साथ बंद

  2. प्रॉफिट बुकिंग और आईटी शेयरों में बिकवाली गिरावट का कारण

  3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए बनी चुनौती

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 27 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 8.08 अंक या 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,598.67 पर, और निफ्टी 3.45 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,749.75 पर बंद हुआ।
निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, भारती एयरटेल, ट्रेंट, बीएसई लिमिटेड और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचयूएल (HUL), कोल इंडिया, टीसीएस (TCS) और एशियन पेंट्स शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर्स का हाल

सेक्टर के मोर्चे पर, मीडिया इंडेक्स में 3.6% की तेजी आई, रियल्टी और फार्मा इंडेक्स में 2-2% की बढ़त हुई, और ऑटो इंडेक्स 1% ऊपर रहा। वहीं, आईटी, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5-0.5% की गिरावट देखी गई।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की तेजी आई।

इन वजहों से गंवाई बढ़त

प्रॉफिट बुकिंग

बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी आने के बाद ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 450 अंक नीचे आ गया।

IT शेयरों में बिकवाली

27 अक्टूबर को निफ्टी IT इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। वहीं, एंथ्रोपिक PBC (Anthropic PBC) द्वारा IPO के लिए फाइलिंग करने से AI सेक्टर को एक बड़ा बूस्ट मिला, जिससे दक्षिण कोरिया और जापान में सेमीकंडक्टर शेयरों को मजबूती मिली।

तकनीकी कारण

जानकारों का कहना है कि बाजार में फिर से तेजी लौटने के लिए निफ्टी का 22,800 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी है। माना जा रहा है कि अगर निफ्टी 22,820 (20-दिन के EMA) के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो यह 23,100-23,200 के प्रमुख रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने का संकेत होगा। यह स्तर पिछले हफ्ते के उच्चतम स्तर और 50-दिन के EMA का संगम है।
वहीं अगर निफ्टी 22,820 के ऊपर नहीं जा पाता है, तो इसका मतलब होगा कि पिछले दो सत्रों से चल रहा कंसोलिडेशन (22,370-22,820 की रेंज में) आगे भी जारी रहेगा।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

सऊदी अरब पर हुए हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें खत्म हो गईं, जिससे ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नुकसानदेह हैं। इससे महंगाई बढ़ सकती है, राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) पर दबाव पड़ सकता है और कंपनियों के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)