₹10 से कम वाले शेयरों में लगातार क्यों लगता है सर्किट? खरीदने में कई रिस्क; समझ लीजिए पेनी स्टॉक्स का मायाजाल
शेयर बाजार में कम कीमत वाले पेनी स्टॉक्स अक्सर छोटे निवेशकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इनमें कम लिक्विडिटी और ...और पढ़ें

पेनी स्टॉक्स में जोखिम अधिक (AI फोटो)
HighLights
कम कीमत वाले शेयर हमेशा सस्ते नहीं होते
पेनी स्टॉक्स में कम लिक्विडिटी से बड़ा उतार-चढ़ाव होता है
लगातार सर्किट लगना कंपनी की मजबूती का प्रमाण नहीं
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। शेयर बाजार में 5 रुपये, 8 रुपये या 10 रुपये से कम कीमत वाले शेयर अक्सर छोटे निवेशकों को आकर्षित करते हैं। वजह साफ है - कम भाव देखकर लगता है कि थोड़े पैसे में बड़ी संख्या में शेयर खरीदे जा सकते हैं और अगर भाव तेजी से बढ़ा तो रिटर्न भी कई गुना हो सकता है।
लेकिन यही सोच कई बार सबसे बड़ा जोखिम बन जाती है। कम कीमत वाला शेयर जरूरी नहीं कि सस्ता हो और लगातार Upper Circuit लगना जरूरी नहीं कि कंपनी के मजबूत प्रदर्शन का संकेत हो।
कम ट्रेडिंग वॉल्यूम जैसे फैक्टर्स
Penny Stocks में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम, सीमित खरीदार-विक्रेता, कमजोर वित्तीय स्थिति, कम फ्री-फ्लोट और अचानक बढ़ती मांग जैसे कारण कीमत में असामान्य उतार-चढ़ाव पैदा कर सकते हैं। ऐसे शेयरों में Circuit लगना बाजार की जोखिम-व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन लगातार सर्किट लगने की स्थिति में निवेशक के लिए शेयर खरीदना या बेचना बेहद मुश्किल हो सकता है।
कम Liquidity बनाती है कीमत में बड़ा उतार-चढ़ाव
Penny Stocks में अक्सर बड़े शेयरों के मुकाबले ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होता है। यानी बाजार में खरीदार और विक्रेता दोनों सीमित हो सकते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी खरीदारी भी शेयर की कीमत को तेजी से ऊपर ले जा सकती है। दूसरी तरफ, अगर बेचने वाले ज्यादा हो गए और खरीदार कम मिले, तो भाव तेजी से नीचे आ सकता है।
यही वजह है कि कम कीमत वाले शेयरों में 10-20 पैसे का बदलाव भी प्रतिशत के हिसाब से बड़ा दिखाई देता है। कम Liquidity का दूसरा खतरा यह है कि जिस भाव पर निवेशक शेयर बेचना चाहता है, उस भाव पर खरीदार मिलना जरूरी नहीं है।
Upper Circuit हमेशा कंपनी की मजबूती का प्रमाण नहीं
जब किसी शेयर में खरीदारी इतनी बढ़ जाती है कि तय दैनिक सीमा तक कीमत पहुंच जाती है, तो Upper Circuit लग सकता है। इसके बाद उस दिन उससे ऊपर के भाव पर सामान्य कारोबार नहीं हो पाता। लगातार Upper Circuit देखकर निवेशकों में FOMO यानी मौका छूट जाने का डर पैदा हो सकता है।
लेकिन Circuit लगना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि कंपनी का मुनाफा, कारोबार या भविष्य मजबूत है। कई बार कम उपलब्ध शेयरों और अचानक बढ़ी मांग के कारण भी कीमत तेजी से ऊपर जा सकती है। इसलिए केवल Circuit देखकर कंपनी की क्वालिटी का अंदाजा लगाना जोखिम भरा है।
Lower Circuit में फंसने का खतरा सबसे बड़ा
Penny Stocks में सबसे गंभीर समस्या तब सामने आती है, जब लगातार Lower Circuit लगने लगे। मान लीजिए किसी निवेशक ने शेयर खरीद लिया और अगले दिन कंपनी में भारी बिकवाली शुरू हो गई। अगर शेयर Lower Circuit पर बंद हो गया और खरीदार नहीं मिले, तो निवेशक चाहकर भी अपना शेयर बेच नहीं सकता।
यह स्थिति कई दिनों तक जारी रह सकती है। यानी स्क्रीन पर शेयर की कीमत दिखाई देती रहती है, लेकिन वास्तविक निकासी संभव नहीं होती। निवेशक का पैसा कागज पर मौजूद दिख सकता है, जबकि उसे जरूरत के समय नकद में बदलना मुश्किल हो जाता है।
अफवाहों और अचानक आई खबरों का असर ज्यादा
छोटी कंपनियों के शेयरों में कभी-कभी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ग्रुप्स या बाजार की अफवाहों से भी तेज खरीदारी या बिकवाली देखने को मिल सकती है। किसी कंपनी के बड़े ऑर्डर, अधिग्रहण, फंडिंग या भविष्य की योजनाओं को लेकर खबर आते ही निवेशक तेजी से खरीदारी शुरू कर सकते हैं।
लेकिन हर खबर का असर कंपनी के वास्तविक कारोबार पर पड़े, यह जरूरी नहीं। इसी तरह नकारात्मक खबर आने पर गिरावट भी बहुत तेज हो सकती है। इसलिए Penny Stocks में सिर्फ चर्चा, Telegram/WhatsApp टिप्स या किसी व्यक्ति के दावे के आधार पर पैसा लगाना जोखिम बढ़ा सकता है।
कम भाव नहीं, कंपनी की गुणवत्ता देखें
किसी शेयर का 5 रुपये का होना उसे 500 रुपये के शेयर से सस्ता नहीं बनाता। शेयर का मूल्यांकन कंपनी के बाजार पूंजीकरण, कमाई, कर्ज, नकदी प्रवाह, कारोबार की गुणवत्ता और भविष्य की संभावनाओं जैसे कई पहलुओं से समझा जाता है।
Penny Stock में पैसा लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजे, कर्ज, प्रमोटर हिस्सेदारी, शेयरों की Liquidity और किसी महत्वपूर्ण कॉरपोरेट घोषणा की जांच करना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगातार Circuit देखकर तेजी के पीछे भागने के बजाय यह समझना चाहिए कि कीमत क्यों बढ़ रही है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
