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मुकेश अंबानी की इस कंपनी का खत्म हुआ वजूद, बेच दी ज्वाइंट वेंचर की सब्सिडियरी की 100% हिस्सेदारी

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:43 AM (IST)Updated: Sat, 10 Oct 2026 10:27 AM (IST)

मुकेश अंबानी समर्थित आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मिलेटा ए.एस. में 100% हिस्सेदारी बेच दी है। ...और पढ़ें

आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी सहायक कंपनी मिलेटा ए.एस. की हिस्सेदारी बेची।

आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी सहायक कंपनी मिलेटा ए.एस. की हिस्सेदारी बेची।

HighLights

  1. आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी सहायक कंपनी मिलेटा ए.एस. की हिस्सेदारी बेची।

  2. यह बिक्री 9 अक्टूबर 2026 को पूरी हो गई।

  3. कंपनी का लक्ष्य व्यावसायिक पुनर्गठन और मुख्य क्षमताओं पर ध्यान।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की रिलायंस की हिस्सेदारी वाली आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सब्सिडियरी में अपनी हिस्सेदारी बेच दी। यह समझौता कंपनी की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी (पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी), आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड के जरिए किया गया। यह बिक्री 9 अक्टूबर 2026 को पूरी हुई, जिसके साथ ही 'मिलेटा ए.एस.' का आलोक इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी के तौर पर अस्तित्व समाप्त हो गया। यानी अब इस कंपनी में आलोक इंडस्ट्रीज की कोई भी हिस्सेदारी नहीं है।

कंपनी ने इसकी जानकारी 16 दिसंबर 2025 की एक घोषणा में दी थी। उस घोषणा में कंपनी ने कहा था कि व मिलेटा ए.एस. में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। अब कंपनी ने सब्सिडियरी में अपनी हिस्सेदारी बेच दी है और  इस अहम कदम के साथ, आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने बिजनेस को फिर से व्यवस्थित करने की योजनाओं में एक और रणनीतिक उपलब्धि हासिल कर ली है।

कंपनी ने दी जानकारी

आलोक इंडस्ट्रीज ने 100% हिस्सेदारी बेचने की जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी। कंपनी ने फाइलिंग में लिखा- "कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड ने कंपनी को जानकारी दी है कि उसने 9 अक्टूबर, 2026 को Mileta a.s. में अपनी 100% इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री पूरी कर ली है। इसके परिणामस्वरूप, Mileta a.s. अब कंपनी की सब्सिडियरी नहीं रही है।"

कौन है आलोक इंडस्ट्रीज का मालिक

2019 में दिवालियापन समाधान प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आलोक इंडस्ट्रीज का मालिकाना हक संयुक्त रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (जिसके पास ~40.01% हिस्सेदारी है) और जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (जिसके पास ~34.99% हिस्सेदारी है) के पास है।

आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपने कामकाज को बेहतर बनाने और अपनी मुख्य क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने की बड़ी रणनीति के तहत Mileta a.s. की बिक्री में मदद की थी। कंपनी का लक्ष्य गैर-मुख्य संपत्तियों और सब्सिडियरी को बेचकर अपने संसाधनों को एक साथ लाना और टेक्सटाइल सेक्टर में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)