सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर मोतीलाल ओसवाल ने दी BUY रेटिंग, ₹65 दिया टारगेट; भरोसे के बताए 5 कारण
मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर 'BUY' रेटिंग दी है, जिसमें मौजूदा स्तरों से 73% ग्रोथ की उम्मीद ...और पढ़ें

सुजलॉन के शेयर पर मोतीलाल को भरोसा (AI फोटो)
HighLights
मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी पर 'BUY' रेटिंग दी
₹65 के लक्ष्य के साथ 73% ग्रोथ की उम्मीद
आकर्षक वैल्यूएशन, मजबूत ऑर्डर बुक मुख्य कारण
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सोमवार 12 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट में कहा कि सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर BUY रेटिंग दी है। सुजलॉन का शेयर अभी 52-हफ्ते के निचले स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा है। मगर मोतीलाल ओसवाल को इसमें मौजूदा स्तरों से 73% ग्रोथ की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में सुजलॉन के लिए ₹65 के प्राइस टारगेट के साथ "खरीदने" (BUY) की सलाह बनाए रखी है। इसने पांच अहम कारण बताए कि क्यों इस स्टॉक में इतनी बड़ी बढ़त दिख सकती है। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे 5 कारण।
सुजलॉन एनर्जी के शेयर की कीमत
सुजलॉन एनर्जी के शेयर की कीमत में पिछले तीन महीनों में 31% की गिरावट आई है और यह अभी अपने अनुमानित फाइनेंशियल ईयर 2028 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 17.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह इसके एक साल के औसत (forward mean) से 20% कम है और इसके ऐतिहासिक मल्टीपल (22 गुना) से एक स्टैंडर्ड डेविएशन नीचे है।
मोतीलाल ओसवाल ने हालिया गिरावट के बाद इसकी वैल्यूएशन को "आकर्षक" बताया और कहा कि कमाई की संभावना बेहतर हो रही है।
बेहतर नतीजों की उम्मीद
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार सुजलॉन के कमाई के ट्रेंड को देखते हुए कंपनी का सालाना EBITDA का 60% से 65% हिस्सा दूसरी छमाही से आता है। इसलिए इसने उम्मीद जताई कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी छमाही में इसकी कमाई की रफ्तार बढ़ेगी, क्योंकि डिलीवरी पहली छमाही के 1.2 GW से बढ़कर 2.1 GW हो सकती है।
मजबूत ऑर्डर बुक
जून तिमाही के अंत में, सुजलॉन एनर्जी की ऑर्डर बुक 5.9 GW थी, जिससे फाइनेंशियल ईयर 2028 की तीसरी तिमाही तक मोतीलाल ओसवाल के डिलीवरी अनुमानों पर 100% स्पष्टता मिलती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि सुजलॉन एनर्जी का EBITDA फाइनेंशियल ईयर 2026-2028 के दौरान 22% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा
विंड कैपेसिटी में बढ़ोतरी
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, भारत ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 3 GW विंड कैपेसिटी जोड़ी है। ऐतिहासिक रूप से, दूसरी छमाही में इंस्टॉलेशन पहली छमाही (H1) के मुकाबले 1.5 गुना रहे हैं। इसका मतलब है कि दूसरी छमाही में लगभग 4.5 GW की बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 27 में कुल बढ़ोतरी लगभग 7.5 GW तक पहुंच जाएगी, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के 7.5 GW से 8 GW के अनुमान के अनुरूप है।
शाम के समय पीक डिमांड का फायदा
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग, खासकर शाम के पीक घंटों के दौरान, विंड-सोलर हाइब्रिड और FDRE प्रोजेक्ट्स के जरिए विंड कैपेसिटी को और बढ़ाने में मदद करेगी। ब्रोकरेज ने कहा कि हमारा मानना है कि देर शाम को मर्चेंट पावर की मजबूत कीमतें विंड कैपेसिटी के आर्थिक पक्ष को और मजबूत करती हैं।
ये भी पढ़ें - कैशियर से उद्योगपति बनने का अनोखा सफर: ऐसे गूजरमल मोदी ने बसाया ऐतिहासिक मोदीपुरम! मोदीनगर जैसा है रोचक इतिहास
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
