Jio Platforms IPO Listing: जियो की मार्केट में धमाकेदार एंट्री, 21% से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्टिंग; निवेशकों की हो गई मौज
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स आज 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। इसने ...और पढ़ें

शानदार रही जियो की लिस्टिंग
HighLights
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में हुई लिस्टिंग
आईपीओ मूल्य से 21% से अधिक प्रीमियम मिला
बीएसई और एनएसई पर ₹1358 पर हुई शुरुआत
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आज बुधवार 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग हो गयी है। जैसा अनुमान था Jio Platforms की लिस्टिग वैसी ही रही। इसके शेयर ने बीएसई और एनएसई पर आईपीओ प्राइस के मुकाबले 21 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर शुरुआत की।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शेयरों का फाइनल प्राइस 1119 रुपये तय हुआ था, जबकि इसकी लिस्टिंग (Jio Platforms IPO Listing Price) बीएसई और एनएसई दोनों पर 1358 रुपये पर हुई। यानी इसने दोनों ही सूचकांकों पर 239 रुपये या 21.36 फीसदी प्रीमियम पर डेब्यू किया है।
कितना चल रहा था GMP?
इंवेस्टरगेन के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स का जीएमपी आज 247 रुपये चल रहा था। आईपीओ में शेयरों का फाइनल प्राइस 1119 रुपये तय हुआ। सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद से ही इसका GMP 20-22 फीसदी के आसपास स्थिर रहा।
जानकारों की राय क्या है?
जानकार जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर को लंबी अवधि के लिए देख रहे हैं। IPO के बाद FY2026 के लिए जियो का P/E रेशियो 34.4 गुना है, जो भारती एयरटेल (40 गुना P/E) की तुलना में आकर्षक है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि रेगुलेटरी बदलाव और फ्यूचर कैपिटल की जरूरतें टेलीकॉम सेक्टर के लिए जोखिम हैं। मगर वे जियो प्लेटफॉर्म्स के मार्केट शेयर को लेकर काफी संतुष्ट है।
कैसा रहा था आईपीओ?
जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,188 करोड़ रुपये के IPO को जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला था। 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चली तीन दिन की सब्सक्रिप्शन विंडो के दौरान, इसे कुल मिलाकर 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया था। इस इश्यू के लिए लगभग 1.3 करोड़ आवेदन आए, जबकि एंकर इन्वेस्टर्स के हिस्से को मिलाकर कुल मांग 7.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
अलग-अलग कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन स्टेटस
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने इस इश्यू की मांग बढ़ाई और अपने लिए आरक्षित हिस्से को 70.55 गुना सब्सक्राइब किया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की कैटेगरी 14 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के हिस्से के लिए रिजर्व शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना आवेदन मिले।
भारत का सबसे बड़ा IPO
21 अक्टूबर को खुलने के बाद, पहले 100 मिनट के भीतर ही यह IPO पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। तीन दिनों की सब्सक्रिप्शन प्रोसेस के दौरान इसकी मांग लगातार बढ़ती रही। फंड जुटाने के मामले में यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है, जिसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,859 करोड़ रुपये के इश्यू को पीछे छोड़ दिया है।
ये भी पढ़ें - रिलायंस का ₹21 लाख करोड़ का कारोबार कैसे संभालता है अंबानी परिवार: किस सदस्य के पास क्या जिम्मेदारी?
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
