सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Jio IPO: जियो आईपीओ से फेसुबुक-गूगल की होगी छप्परफाड़ कमाई! अंबानी की कंपनी में इतनी-इतनी है हिस्सेदारी

Published: Sat, 20 Jun 2026 08:56 AM (IST)

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना आईपीओ (Jio IPO) लाने के लिए DRHP दाखिल किया है, जो भारत का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

मुकेश अंबानी की JIO में मेटा और गूगल की बड़ी हिस्सेदारी। (इमेज AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है।)

मुकेश अंबानी की JIO में मेटा और गूगल की बड़ी हिस्सेदारी। (इमेज AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है।)

HighLights

  1. जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत के सबसे बड़े आईपीओ के लिए DRHP दाखिल किया।

  2. फेसबुक और गूगल की जियो में हिस्सेदारी से भारी मुनाफा संभव।

  3. आईपीओ से कंपनी का मूल्यांकन 137 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान।

नई दिल्ली। भारत और एशिया के सबसे अमीर अरबपति, रिलायंस इंडस्ट्रीड के चेयरमैन मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का यह आईपीओ (Jio IPO) भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। अनुमान है कि इस इश्यू के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।

ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह कंपनी की पोस्ट-इश्यू इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत हिस्सा होगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। यानी मौजूदा निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

लेकिन क्या आपको पता है कि रिलायंस में दुनिया की दो बड़ी दिग्गज टेक कंपनियों ने मोटा पैसा लगा रखा है। एक है गूगल और दूसरी है फेसबुक (Facebook and Google Stake in Jio)। अगर ये दोनों कंपनियां जियो में अपना स्टेक बेचती हैं तो इनकी छप्परफाड़ कमाई होगी। इन दोनों की मुकेश अंबानी की कंपनी में हिस्सेदारी है। लेकिन कितनी? आइए जानते हैं।

Jio में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस के पास

आकाश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी में रिलायंस की हिस्सेदारी लगभग 66 से 67 प्रतिशत के बीच है। इसके अलावा कई वैश्विक निवेशकों ने वर्ष 2020 में जियो में बड़ा निवेश किया था।

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा उसकी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज को कम करने में लगाया जाएगा। लगभग 27,500 करोड़ रुपये के कर्ज के भुगतान या प्रीपेमेंट की योजना है। बची हुई राशि सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च होगी।

फेसबुक और गूगल ने Jio में लगाया था बड़ा दांव

मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा की हिस्सेदारी करीब 9.99 प्रतिशत (Meta Stake in Jio) है। कंपनी ने इसके लिए लगभग 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वहीं गूगल के पास करीब 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी (Google Stake in Jio) है, जिसके लिए उसने लगभग 33,737 करोड़ रुपये लगाए थे।

अगर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन आईपीओ के बाद अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो मेटा और गूगल के निवेश का मूल्य भी काफी बढ़ सकता है। यही वजह है कि बाजार में माना जा रहा है कि जियो के आईपीओ से इन दोनों टेक दिग्गजों को बड़ा फायदा हो सकता है।

कितनी हो सकती है JIo की वैल्यू?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आईपीओ के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन करीब 137 अरब डॉलर (Jio Valuation) तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह देश की सबसे मूल्यवान टेक और डिजिटल कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत कर लेगी।

Meta और Google के आलवा जियो में किसने लगा रखा है दांव

मेटा और गूगल के अलावा सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडाला, एडीआईए, टीपीजी, एल कैटरटन, पीआईएफ, इंटेल कैपिटल और क्वालकॉम वेंचर्स जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया हुआ है।

यह भी पढ़ें- Reliance AGM 2026 में मुकेश अंबानी ने किया बड़ा एलान, Jio IPO को मिली बोर्ड की मंजूरी; कंपनी ने फाइल किया DRHP