JIO IPO: 30 गुना भरा जियो आईपीओ का एंकर बुक, किसने झोंके ₹81008000000; देश-विदेश के नामी निवेशकों ने लगाई बोलियां
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा। इससे पहले एंकर बुक 30 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुई है। इसमें ...और पढ़ें

21 अक्टूबर से खुल रहा है जियो आईपीओ
HighLights
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ की एंकर बुक 30 गुना सब्सक्राइब।
8110 करोड़ रुपये की एंकर बुक को मिली भारी बोलियां।
ब्लैकरॉक, जीआईसी, एसबीआई एमएफ जैसे बड़े निवेशक शामिल।
नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JIO IPO) का आईपीओ कल, 21 अक्टूबर से खुलने जा रहा है। इससे पहले इस पब्लिक इश्यू की एंकर बुक 30 गुना सब्सक्राइब हो गई है। 8110 करोड़ रुपये की 'एंकर बुक' को इसके आकार से 30 गुना से अधिक की बोलियां मिली है। संस्थागत निवेशकों ने आईपीओ में अभूतपूर्व दिलचस्पी दिखाई, जो भारत के सबसे बड़े पब्लिक ऑफरिंग्स (IPO) में से एक माने जा रहे इस इश्यू के लिए काफी मजबूत संकेत है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, कुल संस्थागत मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह पहला भारतीय IPO है जिसे इतने बड़े पैमाने पर मांग मिली है।
इसमें दुनिया के कुछ सबसे बड़े एसेट मैनेजर और सॉवरेन वेल्थ फंड, भारत की प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियां, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड शामिल हैं। इससे पता चलता है कि टेलीकॉम और डिजिटल सेवा कंपनी के प्रति संस्थागत निवेशकों की कितनी गहरी दिलचस्पी है।
किन-किन फंड हाउसेज ने लगाया पैसा
- निवेशकों की सूची में ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट की दिग्गज कंपनियां शामिल हैं, जिनमें ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जानूस हेंडरसन शामिल हैं।
- दुनिया के कुछ सबसे प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने भी इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) शामिल हैं।
- घरेलू संस्थागत भागीदारी भी उतनी ही मजबूत है। भारत की शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड कंपनियों में से सभी ने इस पेशकश (ऑफरिंग) में दिलचस्पी दिखाई है।
- इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
- देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियां और पेंशन फंड भी निवेशकों के इस समूह का हिस्सा हैं। जानकारी देने वालों के अनुसार, इनमें लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन, HDFC पेंशन और ICICI प्रूडेंशियल जैसी कंपनियां शामिल हैं।
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दुनिया के कुछ सबसे प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने भी इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) शामिल हैं।
