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JIO IPO के बीच आए जियो फाइनेंशियल के तिमाही नतीजे, मुनाफे में 51% की भारी गिरावट

Published: Thu, 15 Oct 2026 09:42 PM (IST)

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का जुलाई-सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 51% घटकर 340.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि ...और पढ़ें

जियो फाइनेंशियल का मुनाफा 51% घटकर 340.4 करोड़ रुपये हुआ।

जियो फाइनेंशियल का मुनाफा 51% घटकर 340.4 करोड़ रुपये हुआ।

HighLights

  1. जियो फाइनेंशियल का मुनाफा 51% घटकर 340.4 करोड़ रुपये हुआ।

  2. खर्चों में बढ़ोतरी और डिविडेंड आय न मिलने से गिरावट।

  3. कंपनी लेंडिंग और एसेट मैनेजमेंट कारोबार का विस्तार कर रही।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। मार्केट कैप के भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस की स्वामित्व वाली जियो का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा। आईपीओ के बीच जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने तिमाही नतीजे जारी कर दिए। कंपनी के मुनाफे में भारी गिरावट आई है।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 51% घटकर 340.4 करोड़ रुपये रह गया। खर्चों में बढ़ोतरी और डिविडेंड से होने वाली आय न मिलने के कारण यह गिरावट आई।

695 करोड़ से सीधा 340 करोड़ हुआ मुनाफा

जुलाई-सितंबर तिमाही में जियो फाइनेंशियल का मुनाफा पिछले साल इसी तिमाही के 695 करोड़ रुपये के मुकाबले 340 करोड़ रुपये रहा। यानी मुनाफे में 51 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

तिमाही दर तिमाही आधार पर भी मुनाफा गिरा है। पिछली तिमाही (जून तिमाही) के मुकाबले, नेट प्रॉफिट 830.3 करोड़ रुपये से 59% घटकर 340.4 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 2,004.5 करोड़ रुपये से 15.2% गिर गया।

ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू एक साल पहले के 981.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,699.3 करोड़ रुपये हो गया।

ब्याज से होने वाली आय में इजाफा

जियो फाइनेंशियल के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत, ब्याज से होने वाली आय, सितंबर तिमाही में बढ़कर 1,257.7 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 392.4 करोड़ रुपये थी। फीस, कमीशन और अन्य सेवाओं से होने वाली आय 139.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 277.1 करोड़ रुपये हो गई।

जियो फाइनेंशियल कर रही अपने कारोबार का विस्तार

रिलायंस समूह के समर्थन और व्यापक जियो इकोसिस्टम तक पहुंच का लाभ उठाते हुए, जियो फाइनेंशियल अपने डीमर्जर के बाद से ही लेंडिंग, पेमेंट, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और एसेट मैनेजमेंट के कारोबार का विस्तार कर रही है।

ब्लैकरॉक के साथ कंपनी का एसेट मैनेजमेंट जॉइंट वेंचर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें एसेट अंडर मैनेजमेंट (प्रबंधन के तहत संपत्ति) 57% बढ़कर 227.46 अरब रुपये हो गई है।

कंपनी के लेंडिंग कारोबार, 'जियो क्रेडिट' में एसेट अंडर मैनेजमेंट 154% बढ़कर 373.20 अरब रुपये हो गया है। वहीं, इसकी नेट इंटरेस्ट इनकम (लोन से मिलने वाले ब्याज और उधार पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर) दोगुनी से भी अधिक होकर 3.02 अरब रुपये तक पहुंच गई है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)