Q2 नतीजों के बाद इंफोसिस के शेयर खरीदे या नहीं? रेवेन्यू गाइडेंस में कटौती से ब्रोकरेज फर्मों की ये है राय
इंफोसिस ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों में पूरे साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटा दी है, जिससे अमेरिकी ...और पढ़ें

इंफोसिस का शेयर खरीदें या नहीं?
HighLights
इंफोसिस ने पूरे साल की रेवेन्यू गाइडेंस घटाई
अमेरिकी बाजार में इंफोसिस ADR में 7% गिरावट
ब्रोकरेज फर्मों ने दिए अलग-अलग टारगेट प्राइस
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आज भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस का शेयर फोकस में रहेगा। इसके शेयर पर दूसरी तिमाही के नतीजों का असर दिख सकता है। जुलाई-सितंबर तिमाही नतीजों में इंफोसिस ने पूरे साल के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटा दिया है। ये नतीजे शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए थे।
इन नतीजों के चलते, शुक्रवार रात अमेरिकी बाजार में लिस्टेड कंपनी का शेयर (ADR) लगभग 7% की गिरावट के साथ बंद हुआ। ऐसे में अब शेयर किस तरफ जा सकता है, आइए जानते हैं।
ये दो ब्रोकरेज फर्म हैं 'न्यूट्रल'
सिटी ने इस स्टॉक पर "न्यूट्रल" रेटिंग बरकरार रखते हुए है और इसका प्राइस टारगेट ₹1,105 तय किया है, जबकि कंपनी का शेयर फिलहाल 1154.50 रुपये पर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027-2028 के लिए अपने 'अर्निंग पर शेयर' (EPS) अनुमानों में 0% से 1% तक का मामूली बदलाव किया है।
कंपनी को मिली नई बड़ी डील से उन चिंताओं को दूर करने में मदद मिल सकती है, जो एक यूरोपीय मैन्युफैक्चरिंग क्लाइंट के जाने के बाद पैदा हुई थीं।
गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भी इस स्टॉक पर अपनी "न्यूट्रल" रेटिंग कायम रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,000 तय किया है। इसने इस बात पर जोर दिया कि मैनेजमेंट ने फिर से स्पष्ट कर दिया कि 'AI डिफ्लेशन' (AI के कारण कीमतों में कमी) केवल एक बार होने वाली प्रक्रिया है, भले ही AI की वजह से क्लाइंट्स की ओर से प्रोडक्टिविटी (उत्पादकता) की मांग काफी अधिक बनी हुई है।
किसने दिया 1415 रुपये का टारगेट?
UBS ने इंफोसिस के लिए BUY रेटिंग दी है और इसका प्राइस टारगेट ₹1,415 तय किया है। नोमुरा ने भी इंफोसिस पर अपनी Buy की सलाह को बरकरार रखा है और इसका प्राइस टारगेट ₹1,300 तय किया है। नोमुरा का कहना है कि कंपनी द्वारा गाइडेंस में की गई कटौती उम्मीद से थोड़ी ज्यादा है। साथ ही यह भी कहा कि यह स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
पूरे वित्तीय वर्ष के लिए, इंफोसिस अब 'कॉन्स्टेंट करेंसी' रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 2% के बीच रहने की उम्मीद कर रही है, जो कि उनके पहले के 1.5% से 3% के अनुमान से कम है। हालांकि, कंपनी ने अपने EBIT मार्जिन के 20% से 22% रहने के अनुमान को बरकरार रखा है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
