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10 से 14 अगस्त तक कच्चा तेल, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई डेटा तय करेंगे शेयर बाजार की चाल, जानिए कैसी रह सकती है हलचल

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sun, 09 Aug 2026 04:01 PM (IST)

इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के आंकड़े भारतीय शेयर बाजार की दिशा ...और पढ़ें

शेयर बाजार के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता? (AI फोटो)

शेयर बाजार के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता? (AI फोटो)

HighLights

  1. कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया तनाव बाजार की दिशा तय करेंगे

  2. भारत-अमेरिका के जुलाई मुद्रास्फीति आंकड़े इस सप्ताह जारी होंगे

  3. HAL, टाटा मोटर्स सहित कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आएंगे

नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और इस सप्ताह जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़े स्थानीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियां और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की चाल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।
रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर जुलाई के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति और विदेशी मुद्रा भंडार के ताजा आंकड़ों पर रहेगी। इनसे महंगाई के रुख और बाह्य क्षेत्र की स्थिति का संकेत मिलेगा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों का दौर भी गति पकड़ेगा।

इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे

इस सप्ताह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत फोर्ज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स सहित कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी। मिश्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजार की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान से जुड़े व्यापक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी।
संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि इस सप्ताह बाजार पर दो प्रमुख कारकों का असर रहेगा। पहला, पश्चिम एशिया की स्थिति और दूसरा, अमेरिका के जुलाई माह के मुद्रास्फीति के आंकड़े।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रहेगी नजर

पोनमुडी ने कहा कि बाजार की नजर विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम पर रहेगी, जहां बातचीत की स्थिति लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक मोर्चे पर अमेरिका के जुलाई के मुद्रास्फीति के आंकड़े इस सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाक्रम रहेंगे।
इसके अलावा, भारतीय बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें भी प्रमुख कारक बनी रहेंगी। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अगस्त के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में 12,921 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

कैसा रहा पिछला सप्ताह?

पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई का निफ्टी 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत मजबूत हुआ। मिश्रा ने कहा कि वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) शेयरों के लिए नई समापन नीलामी सत्र (सीएएस) व्यवस्था, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद बाजार ने सप्ताह का अंत बढ़त के साथ किया।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि पिछले सप्ताह नई समापन नीलामी व्यवस्था पहली बार लागू होने के कारण यह बाजार का प्रमुख आकर्षण रही। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक दृष्टि से भी यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहेगा।
भारत में 12 अगस्त को सीपीआई आधारित और 14 अगस्त को डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होंगे। वहीं, अमेरिका में 12 अगस्त को सीपीआई और 13 अगस्त को उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के आंकड़े जारी किए जाएंगे।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)