शेयर बाजार में फिर आई गिरावट: निफ्टी आया 22650 के नीचे, FII की बिकवाली जारी; एनर्जी, तेल-गैस, मीडिया और FMCG इंडेक्स टूटे
14 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी 22,650 के नीचे रहा। FII की बिकवाली ...और पढ़ें

शेयर बाजार में गिरावट
HighLights
भारतीय बाजार 14 अक्टूबर को गिरावट के साथ बंद हुए
निफ्टी 22,650 के नीचे, सेंसेक्स में भी गिरावट
FII की बिकवाली और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 14 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,650 के नीचे रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।
किन शेयरों में आई तेजी?
श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और डॉ. रेड्डीज लैब्स में सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक में स्टॉक शामिल रहे, जबकि इंफोसिस, नेस्ले, टेक महिंद्रा, टाटा कंज्यूमर और कोल इंडिया में बढ़त आई।
सेक्टर की बात करें तो इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एनर्जी, ऑयल एंड गैस, मीडिया और FMCG में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि ऑटो, मेटल, फार्मा, रियल्टी और प्राइवेट बैंक में 0.3-0.9 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
प्रॉफिट बुकिंग
पिछले सेशन में 1.6% की बढ़त के बाद मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 500 अंक गिर गया, जबकि निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 22,600 के स्तर से नीचे आ गया।
FII की बिकवाली
13 अक्टूबर को, FII ने लगातार 13वें सेशन में बिकवाली जारी रखी और लगभग 1,305 करोड़ रुपये की नेट बिक्री की, हालांकि पैसे बाहर निकलने की रफ्तार धीमी रही।
टेक्निकल चार्ट
एनालिस्ट्स का कहना है कि इंडेक्स में और खरीदारी के लिए निफ्टी को 22,750 के स्तर से ऊपर मजबूती से ट्रेड करने की जरूरत है। जानकारों का अनुमान है कि तकनीकी रूप से, मार्केट को एक बार फिर 22,300/71,700 के स्तर के पास सपोर्ट मिला और फिर इसमें तेजी से सुधार हुआ। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल दिख रही है, जबकि इंट्राडे चार्ट पर एक अच्छा रिवर्सल पैटर्न दिख रहा है - ये दोनों ही काफी हद तक पॉजिटिव संकेत हैं।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, क्योंकि ट्रेडर्स ने यमन के ईरान-समर्थित हूतियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई से सप्लाई के जोखिमों और रूस से डीजल की सप्लाई बढ़ने की संभावना का अनुमान लगाया।
इंडिया VIX
वोलैटिलिटी का पैमाना, इंडिया VIX, पिछले सेशन में 7% गिरने के बाद 2% से अधिक बढ़कर 14.43 पर पहुंच गया।
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