सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शेयर बाजार में गिरावट: निफ्टी 22400 के नीचे, सेंसेक्स 547 अंक लुढ़का; ये रहे कमजोरी के 5 प्रमुख कारण

Published: Mon, 12 Oct 2026 03:51 PM (IST)

भारतीय शेयर बाजार 12 अक्टूबर को गिरावट के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 71,924.68 और निफ्टी 22,363.35 पर आ गया। प्रॉफिट ...और पढ़ें

शेयर बाजार में भारी गिरावट

शेयर बाजार में भारी गिरावट

HighLights

  1. सेंसेक्स 547 अंक और निफ्टी 157 अंक गिरा

  2. प्रॉफिट बुकिंग और FII की बिकवाली मुख्य कारण

  3. RBI के उपाय और तकनीकी कारक भी जिम्मेदार

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,400 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।

आज बीएसई पर 4736 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 2300 शेयरों में बढ़त हुई, 2153 शेयरों में गिरावट आई और 283 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

सेक्टर्स और शेयरों का हाल कैसा रहा?

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, ITC, L&T, हिंडाल्को और HUL शामिल थे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, बजाज ऑटो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, BSE लिमिटेड और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल थे।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 4.6%, ऑटो इंडेक्स में 0.9%, रियल्टी इंडेक्स में 1% और फार्मा इंडेक्स में 0.3% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी IT, मेटल, प्राइवेट बैंक, PSU बैंक और FMCG इंडेक्स में 0.4-1% की गिरावट आई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।

क्यों गिरा शेयर बाजार?

प्रॉफिट बुकिंग

लगातार दूसरे दिन बाजार में बढ़त के बाद ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 1,200 अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 22,350 के स्तर से नीचे आ गया। पिछले सत्र में, 9 अक्टूबर 2026 को, निफ्टी 22,294.75 के इंट्राडे निचले स्तर से उबरकर और निचले स्तरों पर खरीदारी के दम पर 288.65 अंक (+1.30%) की बढ़त के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था।

RBI के उपाय

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, रुपये में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उपाय निकट अवधि में गिरावट के दबाव को कम कर सकते हैं और बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी (लिक्विडिटी) को हटाने में मदद कर सकते हैं।
इन उपायों से, जिसमें चुनिंदा बैंकों के माध्यम से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक समर्पित डॉलर विंडो और कुछ विदेशी मुद्रा हेजिंग लेनदेन के लिए उच्च लागत शामिल है, स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम होने और रुपये के खिलाफ स्पेक्युलेटिव पोजीशन पर रोक लगने की उम्मीद है।

टेक्निकल कारण

विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में तेजी (बुलिशनेस) लौटने के लिए निफ्टी को 22,650 के स्तर से ऊपर कारोबार करना होगा। आठ सप्ताह की गिरावट के बाद हालिया उछाल उत्साहजनक है, लेकिन मामूली साप्ताहिक बढ़त लगातार रिकवरी की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

India VIX में बढ़त

12 अक्टूबर को India VIX में 7.5% की वृद्धि हुई, जो बाजार में शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है।

FII की बिकवाली

9 अक्टूबर 2026 को, FII ने अपनी बिकवाली का सिलसिला लगातार 11वें सत्र तक जारी रखा और 3,568 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री दर्ज की।

ये भी पढ़ें - रिलायंस की नई पीढ़ी तैयार! JIO के 106 अरब डॉलर के मेगा IPO से साबित होगी बच्चों की काबिलियत; आकाश और ईशा कर रहे लीड

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)