Share Market Closed: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा; निफ्टी 23100 के ऊपर बंद
Share Market Closed: गुरुवार की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स ...और पढ़ें
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गुरुवार की गिरावट के बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी।
HighLights
गुरुवार की गिरावट के बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी।
सेंसेक्स 315 अंक और निफ्टी 77 अंक बढ़कर बंद हुए।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताएं कम हुईं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Share Market Closed: गुरुवार को आई मार्केट में भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए। 25 सितंबर को सेंसेक्स 315.20 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 77.40 अंक या 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,140.50 पर पहुंच (Sensex Nifty Closed) गया। लगभग 2181 शेयरों में बढ़त हुई, 1961 शेयरों में गिरावट आई और 198 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.81 पर बंद हुआ, जो गुरुवार के 95.96 प्रति डॉलर के बंद भाव से मजबूत हुआ है।
किस इंडेक्स में ज्यादा उछाल और किसमें दिखी गिरावट
ब्रॉडर मार्केट में, निफ्टी मिडकैप 100 0.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.15 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.88 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि रियल्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्राइवेट बैंक में 0.45 प्रतिशत और मेटल्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त हुई।
निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.23 प्रतिशत गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 0.18 प्रतिशत और IT में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा भी 0.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
मार्केट में क्यों आई तेजी
पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग देखने को मिली। गुरुवार को Nifty50 और Sensex में 10 हफ़्तों की सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं और इंश्योरेंस कमीशन पर प्रस्तावित कैप (सीमा) का असर फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 0.99 प्रतिशत गिरकर 105.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
क्या बोले एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण मार्केट में रिकवरी सीमित रही। महंगाई, विदेशी फंड की निकासी और इमर्जिंग मार्केट (EM) की करेंसी पर दबाव जैसी चिंताएं बनी रहीं। हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी (बार्गेन हंटिंग) से मार्केट का रुख सकारात्मक बना रहा, हालांकि बढ़त एक सीमित दायरे तक ही रही।"
उन्होंने आगे कहा कि बेंचमार्क इंडेक्स का मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर से ऊपर बने रहना घरेलू मजबूती और मजबूत घरेलू लिक्विडिटी से मिल रहे सपोर्ट को दिखाता है। हालांकि तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल यील्ड निकट भविष्य में रिस्क लेने की क्षमता को कम कर सकती हैं, लेकिन बेहतर होते वैल्यूएशन और घरेलू ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं चुनिंदा शेयरों में खरीदारी को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे मार्केट बाहरी दबावों को बेहतर ढंग से झेल पा रहा है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
