मुकेश अंबानी जिस अमेरिकी Whirlpool को खरीदने से थे चूके, अब वही बेच रही हिस्सेदारी; भारत में होगा सौदा!
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया की प्रमोटर व्हर्लपूल मॉरीशस अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जिससे कंपनी के शेयरों में 20% ...और पढ़ें

व्हर्लपूल मॉरीशस भारतीय इकाई में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में।
HighLights
व्हर्लपूल मॉरीशस भारतीय इकाई में हिस्सेदारी बेचने को तैयार।
इस खबर से व्हर्लपूल ऑफ इंडिया के शेयर 20% बढ़े।
बड़े निवेशक और MNC खरीदारी की दौड़ में शामिल।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दिग्गज अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने 2025 में 100 साल से ज्यादा पुरानी अमेरिकी कंपनी Whirlpool को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन डील नहीं हो पाई थी। अब उसी कंपनी को लेकर बड़ी खबर है। खबर यह है कि कंपनी की भारतीय इकाई जिसका नाम Whirlpool of India है की प्रमोटर Whirlpool Mauritius इसकी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है।
इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी की जबरदस्त तेजी देखने को मिली। 23 सितंबर को, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया के शेयर 20% बढ़कर ₹865.25 प्रति शेयर (Whirlpool of India shares Price) पर बंद हुए।
हालाकिं, अभी यह खबर नहीं आई है कि Whirlpool India में हिस्सेदारी कौन खरीद रहा है। लेकिन खबर है कि खरीदारी की लिस्ट बड़े निवेशक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बनाने वाली एक बड़ी MNC कंपनी शामिल है।
3 साल में 75 से 39.7% हुई प्रमोटर की हिस्सेदारी
जून के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार व्हर्लपूल इंडिया में इसके प्रमोटर व्हर्लपूल मॉरीशस की हिस्सेदारी 39.76% हिस्सेदारी। 2025 में ग्लोबल कर्ज को कम करने के लिए प्रमोटर ने 11.23% हिस्सेदारी बेची थी। 2023 से ही व्हर्लपूल मॉरिशस अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। पिछले तीन सालों में व्हर्लपूल मॉरिशस की हिस्सेदारी 75% से घटकर 39.76% हो गई है। अभी तक कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं शेयर की गई है कि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच रहा है या नहीं।
CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार यह डील आखिरी दौर में है और आने वाले हफ्तों में इसकी घोषणा होने की उम्मीद है।
कैसे रहा है कंपनी का फाइनेंसियल रिकॉर्ड
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 29.57% की गिरावट दर्ज की और यह 102.88 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 146.08 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
हालांकि, US-बेस्ड व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन की भारतीय सब्सिडियरी ने समीक्षाधीन तिमाही में ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू में 12.1% की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 2,726.75 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 2,432.32 करोड़ रुपये था।
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